रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर की रायपुर स्थित CBI की विशेष अदालत में पेशी के बाद सुनवाई पूरी हो गई। अदालत ने सौरभ चंद्राकर को 8 दिनों की CBI कस्टोडियल रिमांड पर भेजने की मंजूरी दे दी है।
CBI अब सौरभ चंद्राकर को पूछताछ के लिए दिल्ली लेकर जाएगी। उसे 12 नवंबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

इधर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी अदालत में 1सौरभ चंद्राकर की 3 दिनों की कस्टोडियल रिमांड के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। ED की अर्जी पर अदालत की कार्यवाही का विवरण सामने आना बाकी है।
भिलाई से शुरू हुआ महादेव सट्टा नेटवर्क, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल बताए गए मुख्य प्रमोटर :-
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का नेटवर्क छत्तीसगढ़ के भिलाई से शुरू हुआ था। जांच एजेंसियों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 2017-18 के दौरान सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क तैयार करना शुरू किया। वर्ष 2019-20 में टेलीग्राम ग्रुप और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए इसका तेजी से विस्तार हुआ। भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य प्रमोटर बताया गया है।
शुरुआत में स्थानीय स्तर पर काम करने के बाद दोनों ने दुबई को अपना संचालन केंद्र बनाया। यहां से देश के अलग-अलग राज्यों में पैनल और फ्रेंचाइजी का नेटवर्क खड़ा किया गया।इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों के अलावा विभिन्न ऑनलाइन गेम पर सट्टा लगाने की सुविधा दी जाती थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के अनुसार, इस नेटवर्क में पैनल संचालकों के माध्यम से यूजर आईडी बनाई जाती थीं और सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों तथा हवाला नेटवर्क के जरिए स्थानांतरित किया जाता था।
अब इस मामले में सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और रायपुर की CBI विशेष अदालत से 8 दिनों की कस्टोडियल रिमांड मिलने के बाद जांच आगे बढ़ेगी। CBI उससे पूछताछ कर नेटवर्क के संचालन, आर्थिक लेनदेन और इससे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटाएगी।
महादेव सट्टा ऐप: कब और किसने शुरू किया?शुरुआत: मीडिया रिपोर्टों और जांच एजेंसियों के विवरण के अनुसार, वर्ष 2017-18 में भिलाई से ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क तैयार करने की शुरुआत हुई। 2019-20 में टेलीग्राम ग्रुप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए इसका विस्तार हुआ।
सौरभ चंद्राकर: भिलाई निवासी। शुरुआत में जूस की दुकान चलाता था। उसे इस नेटवर्क का प्रमुख प्रमोटर बताया गया है।
रवि उप्पल: भिलाई निवासी। सौरभ चंद्राकर के साथ मिलकर इस नेटवर्क को खड़ा करने और संचालित करने का आरोप है।
संचालन का केंद्र: बाद में दोनों ने दुबई से नेटवर्क संचालित किया।
काम करने का तरीका: देशभर में पैनल और फ्रेंचाइजी बनाकर लोगों को ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए आईडी उपलब्ध कराई जाती थी।