फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़, 5 नवंबर को रायपुर में होगा राज्य स्तरीय भव्य आयोजन : अश्वनी गुर्देकर

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रायपुर, 3 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में फार्मेसी प्रोफेशन को नई दिशा देने और स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 5 नवंबर गुरुवार को रायपुर में विश्व फार्मासिस्ट दिवस एवं 65वें राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह-2026 का राज्य स्तरीय भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्देकर ने बताया कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सुबह 10 बजे से यह कार्यक्रम आयोजित होगा।

गुर्देकर ने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। मरीज को सही दवा, सही खुराक और सही समय की जानकारी देने में फार्मासिस्ट की अहम भूमिका होती है। कोविड महामारी के बाद पूरी दुनिया ने फार्मासिस्टों के योगदान और उनकी जिम्मेदारी को और अधिक गंभीरता से पहचाना है। उन्होंने कहा कि दवाओं का सुरक्षित, तर्कसंगत और विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने में फार्मासिस्टों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि

रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्देकर के अनुसार, समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने की सहमति दे चुके हैं। कार्यक्रम में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मोंटू कुमार पटेल, उपाध्यक्ष जशुभाई चौधरी, कार्यकारिणी सदस्य सुशील बंसल और छत्तीसगढ़ से PCI में प्रतिनिधित्व कर रहे डॉ. आनंद महलवार भी मौजूद रहेंगे। छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा सहित काउंसिल के सदस्य, फार्मेसी कॉलेजों के शिक्षक, विद्यार्थी और प्रदेशभर के फार्मासिस्ट कार्यक्रम में भाग लेंगे।

40 हजार से अधिक फार्मासिस्ट दे रहे सेवाएं

गुर्देकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 40 हजार से अधिक पंजीकृत फार्मासिस्ट विभिन्न शासकीय अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी मेडिकल स्टोर्स में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस आयोजन के जरिए फार्मासिस्टों के पेशेवर योगदान, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी उपयोगिता को व्यापक स्तर पर सामने लाया जाएगा।

दवाओं के दुरुपयोग के प्रति करेंगे जागरूक

इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘Think Health, Think Pharmacist’ रखी गई है। इसके तहत एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक उपयोग, दवाओं के नशे के रूप में दुरुपयोग और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने यानी सेल्फ मेडिकेशन के खतरों पर विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। इसके साथ ही फार्मेसी विद्यार्थियों को नए फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन, फार्म-डी और विदेशों में रोजगार के अवसरों की जानकारी भी दी जाएगी।

विद्यार्थियों को मिलेगा प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर

प्रदेश के विभिन्न फार्मेसी महाविद्यालयों में पोस्टर प्रतियोगिता, क्विज और नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। कॉलेज स्तर पर चयनित विद्यार्थी 5 नवंबर गुरुवार को अंतरमहाविद्यालयीन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। विजेताओं को समारोह में सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।

रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्देकर ने प्रदेश के समस्त केमिस्ट एसोसिएशन, थोक दवा विक्रेता संघ, फार्मेसी कॉलेजों के प्राचार्यों, प्राध्यापकों, पंजीकृत फार्मासिस्टों और डी.फार्मा, बी.फार्मा एवं एम.फार्मा के विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में फार्मेसी प्रोफेशन की पहचान, सम्मान और भविष्य को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क रहेगा।

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