रायपुर : महानदी कोल फील्ड से कोयले के आबंटन पर राज्य सरकार ने आपत्ति जताई है। राज्य सरकार ने कहा है कि इससे परिवहन लागत में वृद्धि होगी। राज्य के उद्योगों को इससे घाटा हो रहा है। केंद्र सरकार को लिखे गए पत्र में मुख्यमंत्री ने एसईसीएल से आबंटन की मांग की है। राज्य में वही एजेंसी तय है। एसईसीएल से राज्य को एक लाख मीट्रिक टन कोयला हर साल देने का अनुबंध है। अभी पूर्ति नहीं कर पा रही है । ह छत्तीसगढ़ में पिछले समय बैठक हुई थी एसईसीएल के अधिकारियों के और रेलवे के अधिकारियों ने कहा था छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार को और स्थानीय उद्योगों को कोयला की पूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं आएगी। इस बात को सरकार ने पहले ही कहा था। लेकिन अब सर्च हो रहा है, यह ग़लत है।
कोयला पर सीएम भूपेश बघेल का बयान
उद्योगों को जितना चाहिए उतना पूर्ति अभी भी नहीं हो पा रही है… पिछले समय जब बैठक हुई थी एसईसीएल के अधिकारियों के और रेलवे के अधिकारियों की तब भी हमने कहा था छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार को और स्थानीय उद्योगों को कोयला की पूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं आनी चाहिए इस बात की मैंने पहले ही कहा था लेकिन अब सार्टेज हो रहा है