दूरस्थ मोर्चों पर तैनात जवानों तक पहुंचेगा बहनों का स्नेह, एसपी मयंक गूर्जर की पहल ने जीता दिल

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सुकमा, 22 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सुकमा पुलिस और जिला प्रशासन ने दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों के लिए संवेदनशील पहल की है। एसपी मयंक गूर्जर के नेतृत्व में जवानों तक बहनों का स्नेह और रक्षाबंधन की खुशियां पहुंचाने के उद्देश्य से ‘रक्षा सूत्र’ अभियान चलाया गया है। अभियान के तहत पुलिस जवानों के लिए राखियां भेंट की गईं, जिन्हें जिले के सुदूर क्षेत्रों में तैनात जवानों तक पहुंचाया जाएगा।

नक्सल प्रभावित और दुर्गम इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे जवान अक्सर अपने परिवार और त्योहारों से दूर रहते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के अवसर पर उनके लिए भेजी जा रही राखियां केवल एक धागा नहीं, बल्कि समाज की ओर से उनके प्रति सम्मान, विश्वास, स्नेह और कृतज्ञता का संदेश हैं।

एसपी मयंक गूर्जर ने जवानों के परिवार से जोड़ा भावनात्मक रिश्ता

सुकमा एसपी मयंक गूर्जर के नेतृत्व में पुलिस जवानों के मनोबल को मजबूत करने और उन्हें परिवार से जुड़ाव का एहसास कराने की दिशा में यह पहल खास मानी जा रही है। अभियान के जरिए यह संदेश दिया गया कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवान अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।

दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी राखी

जिले के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात जवानों तक राखियां पहुंचाई जाएंगी। रक्षाबंधन के दिन जब जवानों की कलाई पर राखी बंधेगी, तो उन्हें अपने परिवार और बहनों की याद के साथ समाज के स्नेह का भी एहसास होगा।

जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए गए ‘रक्षा सूत्र’ अभियान के तहत राखियां भेंट की गईं। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षा में तैनात जवानों के त्याग और समर्पण के प्रति सम्मान व्यक्त करना है।

‘रक्षा सूत्र’ बनेगा विश्वास और अपनत्व का प्रतीक

सुकमा जैसे संवेदनशील जिले में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे जवान कठिन परिस्थितियों में लगातार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन पर उनके लिए की गई यह पहल जवानों के मनोबल को बढ़ाने के साथ पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास एवं आत्मीयता को भी मजबूत करेगी।

एसपी मयंक गूर्जर के नेतृत्व में सुकमा पुलिस की यह पहल संदेश देती है कि वर्दी में तैनात जवान भले ही अपने परिवार से दूर हों, लेकिन समाज का स्नेह और सम्मान हमेशा उनके साथ है।

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