अंबिकापुर। वाराणसी के पावन अस्सी घाट से गंगाजल लेकर छत्तीसगढ़ के मैनपाट स्थित स्वयंभू चुरकी पानी धाम तक निकली 360 महायात्रा 2026 की कांवरियों की टोली शुक्रवार को महामाया की पावन नगरी अंबिकापुर में प्रवेश करेगी। बाबा भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करने के संकल्प के साथ शुरू हुई यह यात्रा अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है।
13 अगस्त 2026 को वाराणसी के अस्सी घाट से विधि-विधान के साथ गंगाजल उठाकर कांवर यात्रा शुरू हुई थी। करीब 419 किलोमीटर की इस कठिन पैदल यात्रा में कांवरियों ने अब तक लगभग 320 किलोमीटर का सफर पूरा कर लिया है। अंबिकापुर पहुंचने के बाद टोली राम भवन में रात्रि विश्राम करेगी और सुबह अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी।विधायक रामकुमार टोप्पो भी कांवर लेकर कर रहे पदयात्रा360 महायात्रा की खास बात यह है कि सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो स्वयं कांवर लेकर श्रद्धालुओं के साथ पदयात्रा कर रहे हैं। विधायक के साथ करीब 120 कांवरिया गंगाजल लेकर बाबा भोलेनाथ की भक्ति में पैदल आगे बढ़ रहे हैं। यात्रा जैसे-जैसे अपने अंतिम पड़ाव के करीब पहुंच रही है, कांवरियों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है।

जगह-जगह हो रहा भव्य स्वागतयात्रा के दौरान रास्ते में जगह-जगह शिवभक्तों और स्थानीय लोगों द्वारा कांवरियों का भव्य स्वागत किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए जलपान, भोजन और विश्राम की व्यवस्था भी की जा रही है। स्वागत और सेवा के कारण पूरी यात्रा के दौरान भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि 360 महायात्रा में शामिल सभी कांवरिया पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ यात्रा कर रहे हैं। जैसे-जैसे चुरकी पानी धाम की दूरी कम हो रही है, वैसे-वैसे सभी का उत्साह बढ़ता जा रहा है।
बाबा भोलेनाथ की भक्ति में सभी कांवरिया पूरी तरह मगन हैं।राम भवन में होगी भोजन और विश्राम की व्यवस्थाइस बार 360 महायात्रा के साथ चल रहे सेवाभावी सदस्यों के लिए भी राम भवन में भोजन एवं रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। अब श्रद्धालुओं की निगाहें यात्रा के अंतिम पड़ाव चुरकी पानी धाम पर टिकी हैं, जहां पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक किया जाएगा।हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के साथ 360 महायात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर तेजी से बढ़ रही है।