रायपुर।छत्तीसगढ़ के राज्य विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार नियुक्ति से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने डॉ. पटेल को कुलसचिव पद के लिए योग्य माना और 31 अक्टूबर 2022 का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें उन्हें अयोग्य घोषित किया गया था। साथ ही राज्य के उच्च शिक्षा विभाग को तीन सप्ताह के भीतर छत्तीसगढ़ की किसी राज्य यूनिवर्सिटी में उनकी नियुक्ति का आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने विषय विशेषज्ञों की मदद से पटेल की योग्यता और अनुभव की जांच करने के बाद उन्हें पात्र माना था।

छत्तीसगढ़ राज्य विश्वविद्यालय सेवा नियम 1983 के नियम 10 के अनुसार पीएससी का पात्रता संबंधी निर्णय अंतिम है। इसलिए उच्च शिक्षा विभाग अपनी खुद की समिति गठित कर उम्मीदवार की पात्रता पर दोबारा सवाल नहीं उठा सकती। नियुक्ति प्राधिकारी को केवल दस्तावेजों की सत्यता जांचने का अधिकार है। यदि सरकार को कोई संदेह था तो मामला वापस आयोग को भेजा जाना चाहिए था। न्यायालय ने राज्य सरकार की जांच रिपोर्ट और अपात्रता आदेश को निरस्त करते हुए डॉ. पटेल को सभी वरिष्ठता लाभ देने का आदेश दिया है।