अरुण गुप्ता सीधी +916264644793
कहते हैं हाथी मेरे साथी है लेकिन इंसानी जानवरों ने दो ऐसे जानवरों को गोली मारी थी जो अपनी पीड़ा ही नहीं बता सकते थे अपनी दर्द ही नहीं बयां कर सकते थे बस अंदर ही अंदर छटपटा रहे थे और कोस रहे थे कि ही मानव तूने ऐसा क्यों किया लेकिन इंसानी रूप वाला जानवर जानवरों से भी कहीं ज्यादा गया गुजरा था। वही इन हाथियों के लिए संजय टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर ने जो किया है वह मानवता से कहीं ऊपर है ।संजय टाइगर रिजर्व दुबरी अंतर्गत दो हाथियों को अज्ञात आरोपियों ने बीते दिनों गोली मार दिया था जहां बीते रविवार को डायरेक्टर संजय टाइगर रिजर्व वाईपी सिंह के मार्गदर्शन में जबलपुर से आई तीन डॉक्टरों की टीम ने सफल ऑपरेशन कर गोलियों के छर्रे निकाल दिया गया है। संजय टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर वाईपी सिंह ने स्टार समाचार से बातचीत में कहा कि यह वही हाथी है जो बीते 3 साल पहले मझौली तरफ़ आई थी और पकड़ी गई थी उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 4 मेल हाथियों को पोड़ी में शिफ्ट किया गया है तथा इन दोनों फीमेल हाथियों को दुबरी में रखा गया है। बताया गया कि वेटरनरी कॉलेज जबलपुर से दो फीमेल तथा एक मेल डॉक्टर आये हुये थे वही एक डॉक्टर बांधवगढ़ के नितिन गुप्ता इस ऑपरेशन टीम में शामिल रहे। खबर लिखे जाने तक दोनों हाथियों का ऑपरेशन हो चुका था और दोनों खतरे से बाहर बताई जा रही थी।

कहते हैं हाथी मेरे साथी है लेकिन इंसानी जानवरों ने दो ऐसे जानवरों को गोली मारी थी जो अपनी पीड़ा ही नहीं बता सकते थे अपनी दर्द ही नहीं बयां कर सकते थे बस अंदर ही अंदर छटपटा रहे थे और कोस रहे थे कि ही मानव तूने ऐसा क्यों किया लेकिन इंसानी रूप वाला जानवर जानवरों से भी कहीं ज्यादा गया गुजरा था। वही इन हाथियों के लिए संजय टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर ने जो किया है वह मानवता से कहीं ऊपर है ।संजय टाइगर रिजर्व दुबरी अंतर्गत दो हाथियों को अज्ञात आरोपियों ने बीते दिनों गोली मार दिया था जहां बीते रविवार को डायरेक्टर संजय टाइगर रिजर्व वाईपी सिंह के मार्गदर्शन में जबलपुर से आई तीन डॉक्टरों की टीम ने सफल ऑपरेशन कर गोलियों के छर्रे निकाल दिया गया है। संजय टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर वाईपी सिंह ने स्टार समाचार से बातचीत में कहा कि यह वही हाथी है जो बीते 3 साल पहले मझौली तरफ़ आई थी और पकड़ी गई थी उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 4 मेल हाथियों को पोड़ी में शिफ्ट किया गया है तथा इन दोनों फीमेल हाथियों को दुबरी में रखा गया है। बताया गया कि वेटरनरी कॉलेज जबलपुर से दो फीमेल तथा एक मेल डॉक्टर आये हुये थे वही एक डॉक्टर बांधवगढ़ के नितिन गुप्ता इस ऑपरेशन टीम में शामिल रहे। खबर लिखे जाने तक दोनों हाथियों का ऑपरेशन हो चुका था और दोनों खतरे से बाहर बताई जा रही थी।