बस्तर में हजारों तेंदूपत्तों का अवैध डंपिंग! AAP ने उठाए भ्रष्टाचार के आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग

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जगदलपुर/बस्तर। बस्तर जिले के सरगीपाल क्षेत्र में हजारों की संख्या में तेंदूपत्तों के कथित अवैध डंप मिलने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस पूरे मामले को भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला बताते हुए उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि फिडीएमए-परपा रोड, गांव के विभिन्न मार्गों और जंगलों के किनारों पर बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता खुले में पड़ा मिला, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री एवं बस्तर प्रभारी समीर खान ने कहा कि बस्तर में तेंदूपत्ते से जुड़े मामलों में पहले भी करोड़ों रुपये की क्षति की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता खुले में पड़ा रहा और वन विभाग व प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी। यदि जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई और यदि नहीं थी तो यह प्रशासनिक विफलता का गंभीर उदाहरण है।पार्टी ने आशंका जताई कि पूरे मामले में भ्रष्टाचार या मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए किसी स्वतंत्र एजेंसी या न्यायिक स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि वह स्वयं एक तथ्य-संग्रह एवं जांच समिति गठित करेगी, जो मौके का निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करेगी।

यह रिपोर्ट जिला प्रशासन, संभागीय मुख्य सचिव, राज्य शासन और संबंधित मंत्री को सौंपी जाएगी। पार्टी का प्रतिनिधिमंडल वन विभाग के अधिकारियों से भी मुलाकात कर जवाब मांगेगा कि तेंदूपत्ता खुले में क्यों पड़ा मिला और उसकी सुरक्षा व भंडारण की क्या व्यवस्था थी।

AAP की प्रमुख मांगें :-

सरगीपाल, फिडीएमए-परपा रोड और आसपास मिले तेंदूपत्तों की तत्काल गणना कर आधिकारिक रिपोर्ट जारी की जाए।पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक अथवा स्वतंत्र जांच कराई जाए।जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की जाए।दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई हो।तेंदूपत्ता संग्रहण, भंडारण और परिवहन व्यवस्था की पारदर्शी समीक्षा की जाए।पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा और बस्तर की जनता के साथ मिलकर जवाबदेही तय कराई जाएगी।

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