रायपुर। भीषण गर्मी और लगातार पड़ रही लू के बीच प्रदेश में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उनके मार्गदर्शन में वन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में वन्यप्राणियों के लिए पेयजल उपलब्ध कराने, प्राकृतिक जल स्रोतों की निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में सतत मॉनिटरिंग के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।इसी क्रम में खैरागढ़ वनमंडल के दल्लीखोली क्षेत्र में कुछ वन्यजीवों एवं पक्षियों के मृत पाए जाने की सूचना प्राप्त होने पर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत और संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया। सूचना मिलते ही विभागीय अमला तत्काल मौके पर पहुंचा तथा वैधानिक प्रक्रिया के तहत जांच प्रारंभ की गई।प्राथमिक परीक्षण में पशु चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम ने अत्यधिक तापमान और पिछले कई दिनों से जारी हीट वेव को संभावित कारण माना है। क्षेत्र में लगातार बढ़ते तापमान के कारण प्राकृतिक जल स्रोतों का जलस्तर प्रभावित हुआ है। एहतियात के तौर पर जल स्रोतों और मिट्टी के नमूने भी प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए हैं, ताकि सभी पहलुओं की वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित की जा सके।वन मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वन क्षेत्रों में वन्यजीवों के लिए पानी, छाया और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनके निर्देश पर खैरागढ़ वनमंडल में तत्काल तीन अस्थायी वाटर होल तैयार किए गए हैं, जिनमें नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त वाटर होल विकसित करने की भी कार्रवाई जारी है।वन विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई है तथा वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी परिस्थिति में वन्यजीवों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जा सके।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि वन्यजीव प्रकृति और पर्यावरणीय संतुलन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं तथा उनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।वन विभाग ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की है। विभाग ने कहा है कि यदि कोई वन्यप्राणी या पक्षी घायल, अस्वस्थ अथवा संकट की स्थिति में दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम वन कार्यालय अथवा वनमंडल के 24×7 कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9301321797 पर दें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर प्रदेशभर में वन्यजीवों के लिए जल, सुरक्षा और निगरानी संबंधी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है, जिससे भीषण गर्मी के इस दौर में वन्यप्राणियों को अधिकतम संरक्षण प्रदान किया जा सके।