रायपुर। रायपुर जिला न्यायालय परिसर में फर्जी वकीलों और अनधिकृत गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला अधिवक्ता संघ ने 40 लोगों को कोर्ट परिसर से बाहर कर दिया। ये लोग काला कोट और अधिवक्ताओं जैसे बैज पहनकर खुद को वकील बताकर परिसर में घूम रहे थे। विशेष जांच अभियान के दौरान इनके पास वैध पंजीकरण और बार काउंसिल के अधिकृत पहचान पत्र नहीं पाए गए।जिला अधिवक्ता संघ द्वारा चलाए जा रहे विशेष AIR (Anti Illegal Representation) अभियान के तहत सोमवार को व्यापक जांच की गई। अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से बार काउंसिल के पहचान पत्र मांगे गए और दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में 40 लोग ऐसे मिले जो अधिवक्ता नहीं थे, लेकिन वकीलों का भेष धारण कर कोर्ट परिसर में सक्रिय थे। उन्हें समझाइश देकर तत्काल परिसर से बाहर कर दिया गया।संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग काला कोट पहनकर पक्षकारों को गुमराह कर रहे हैं। आरोप है कि ऐसे लोग स्वयं को अधिवक्ता बताकर लोगों से संपर्क करते थे, जिससे ठगी और भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी। इसके अलावा उनकी गतिविधियों से न्यायालय का वातावरण भी प्रभावित हो रहा था।जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने कहा कि न्यायालय परिसर की गरिमा बनाए रखने और पक्षकारों के हितों की रक्षा के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले दो महीनों तक यह विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और बिना वैध पहचान के कोर्ट परिसर में घूमने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।संघ की नई कार्यकारिणी ने पदभार संभालते ही इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। साथ ही अधिवक्ताओं के लिए बेहतर व्यवस्था और बैठने की सुविधाओं में सुधार की दिशा में भी काम शुरू किया गया है। जिला अधिवक्ता संघ का कहना है कि न्यायालय परिसर में केवल अधिकृत अधिवक्ताओं और संबंधित व्यक्तियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा।