रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी को चमकता शहर कहा जाता है, लेकिन शुक्रवार रात महज 20 मिनट की बारिश और हल्की हवा ने बिजली व्यवस्था की पूरी हकीकत सामने ला दी। बारिश थम गई, लेकिन शहर के कई इलाकों में लगभग 2 घंटे से ज्यादा समय तक बिजली गुल रही। गर्मी, उमस और अंधेरे के बीच लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।राजधानी के कई मोहल्लों में अचानक हुई बिजली कटौती ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी। दिनभर काम करके घर लौटे नौकरीपेशा लोग आराम तक नहीं कर सके। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई, वहीं गृहणियां भी गर्मी और अंधेरे से परेशान नजर आईं। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी शिकायत सुनने तक को तैयार नहीं हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत के लिए फोन लगाने पर न तो कॉल उठाए गए और न ही टेलीफोन का जवाब मिला। कई लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने कॉल तक काट दिए। जनता का कहना है कि जब आम मोहल्ले अंधेरे में डूबे रहे, तब अधिकारियों और नेताओं के घरों में रोशनी बरकरार रही।लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर राजधानी की बिजली व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों है कि हल्की बारिश में ही पूरा सिस्टम जवाब दे देता है? यदि राजधानी का यह हाल है, तो दूरदराज इलाकों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।बिजली कटौती को लेकर लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या लगातार हो रही बिजली समस्याओं के जरिए लोगों को सोलर ऊर्जा सब्सिडी योजनाओं की ओर धकेला जा रहा है? आखिर सरकार और विभाग की मंशा क्या है?भीषण गर्मी और रात के अंधेरे में परेशान लोगों ने सरकार से सवाल पूछा है कि आखिर राजधानीवासियों को बिजली कटौती से राहत कब मिलेगी? जनता अब जवाब और स्थायी समाधान दोनों चाहती है।