रायपुर | 13 अप्रैल 2026जलियांवाला बाग हत्याकांड की 107वीं बरसी पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा भगत सिंह चौक में एक भावपूर्ण और गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और सिक्ख समाज के प्रतिनिधियों ने शामिल होकर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मोमबत्तियों और दीपों की रोशनी से सजे परिसर में उपस्थित जनसमूह ने “जलियांवाला बाग के शहीद अमर रहें” और “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों के साथ वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर उन वीर सपूतों को नमन किया, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में कहा कि 13 अप्रैल 1919 का काला दिन अंग्रेजी हुकूमत की बर्बरता का प्रतीक है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया और स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।
कार्यक्रम में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा, “जलियांवाला बाग के शहीदों का बलिदान हमारे राष्ट्र के स्वाभिमान की आधारशिला है। उनका त्याग हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने और देश की एकता-अखंडता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इतिहास से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।इस अवसर पर स्काउट एवं गाइड के अध्यक्ष इंद्रजीत गोल्डी, अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष मखमूर खान, जिशान अली, गगनदीप सिंह, अमरजीत सिंह दत्ता, चावला सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए संकल्प लिया और अमर शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।