राजनांदगांव | 27 मार्च 2026
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) राजनांदगांव ने “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत एक सराहनीय मानवीय पहल करते हुए शालीमार एक्सप्रेस से दो नाबालिग बालकों को सुरक्षित बचाया। दोनों बच्चों को सकुशल चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया, जहां से उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 18030 शालीमार एक्सप्रेस में दो नाबालिग बालक बिना किसी अभिभावक के संदिग्ध स्थिति में यात्रा करते पाए गए। ऑन ड्यूटी टीटीई गोपाल यादव की सतर्कता से मामले का खुलासा हुआ, जिन्होंने तुरंत बच्चों को आरपीएफ के हवाले किया।
सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रेन के राजनांदगांव स्टेशन पहुंचने पर संबंधित कोच में जाकर बच्चों को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। इस दौरान आरक्षक एस.एस. भोयर और महिला आरक्षक ललिता ने अहम भूमिका निभाई और पूरी संवेदनशीलता के साथ बच्चों को पोस्ट तक लाया।
पोस्ट में निरीक्षक तरुणा साहू द्वारा बच्चों से पूछताछ में पता चला कि एक बालक लगभग 10 वर्ष का है और कक्षा तीसरी में पढ़ता है, जबकि दूसरा करीब 12 वर्ष का है और कक्षा पांचवीं का छात्र है। दोनों उतई क्षेत्र के निवासी हैं।
बच्चों ने बताया कि वे ट्यूशन जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन रास्ता भटककर रेलवे स्टेशन पहुंच गए और अनजाने में ट्रेन में सवार हो गए।
घटना की जानकारी तत्काल जीआरपी, स्थानीय पुलिस, स्टेशन प्रबंधन और चाइल्ड लाइन को दी गई। साथ ही बच्चों के परिजनों से संपर्क कर वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें आश्वस्त किया गया।
आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों बच्चों को चाइल्ड लाइन राजनांदगांव के समन्वयक पंकज साहू को सौंपा गया। अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने आरपीएफ टीम, विशेषकर थाना प्रभारी तरुणा साहू का आभार व्यक्त किया।
रेलवे सुरक्षा बल ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई बच्चा संदिग्ध या असहाय स्थिति में दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दें, ताकि समय रहते उनकी मदद की जा सके।
“ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत आरपीएफ लगातार बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।