रूस। वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मचाने वाला एक बड़ा फैसला लेते हुए रूस ने 1 अप्रैल से पेट्रोल के निर्यात पर अस्थायी रोक लगाने की घोषणा की है। यह प्रतिबंध 31 जुलाई तक प्रभावी रहेगा।
रूसी सरकार ने यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अस्थिरता, रिफाइनरियों पर संभावित खतरे और देश के भीतर पेट्रोल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया है। सरकार का स्पष्ट मकसद घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखना और किसी भी तरह की किल्लत से बचना है।
इस फैसले का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ सकता है, खासकर उन देशों पर जो रूस से पेट्रोल आयात पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।