रायपुर। रायपुर कमिश्नरेट के तहत बहुचर्चित नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रकरण में शामिल एक महिला आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी मेडिकल डिग्री तैयार करने के नेटवर्क से जुड़ी हुई थी।मामले के अनुसार, 17 फरवरी 2026 को प्रार्थी संजय निराला ने थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर, राकेश रात्रे सहित अन्य लोगों ने पोस्ट ऑफिस में नौकरी लगवाने और फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का झांसा देकर उससे और उसके रिश्तेदारों से कुल 2 करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी की। आरोपियों ने पैसे लेने के बावजूद किसी को नौकरी नहीं दिलाई।पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 96/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर पहले ही चार आरोपियों—भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे—को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी।इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि मामले में संलिप्त आरोपी साक्षी सिंह दिल्ली में रह रही है। पुलिस टीम ने दिल्ली पहुंचकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में साक्षी सिंह ने स्वीकार किया कि वह एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर पुणे स्थित डी. वाई. पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी MBBS और BAMS की डिग्रियां तैयार कर आरोपियों को उपलब्ध कराती थी।पुलिस ने आरोपी साक्षी सिंह (उम्र 28 वर्ष), निवासी जानकीपुरम, विकास नगर, लखनऊ (उत्तरप्रदेश) एवं वर्तमान पता राजनगर-2, पालम नगर, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं।फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश जारी है।