रायपुर : बिजली बाघिन का जन्म 2017 में हुआ था और वह जन्म से ही नंदनवन चिड़ियाघर में रह रही है।वर्ष 2023 में उसने चार शावकों को जन्म दिया — तीन नर (पंचमुख, केशरी और मृगराज) और एक मादा (इंद्रावती)।
बिजली अपनी सक्रियता और शाही अंदाज़ के लिए जानी जाती थी।


अगस्त 2025 में, अपने ईस्ट्रस (प्रजनन) काल के दौरान उसे दस्त (loose motions) की समस्या हुई और उसने धीरे-धीरे खाना बंद कर दिया।
प्रारंभिक उपचार गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पाचन तंत्र) संबंधी परेशानी के लिए किया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद रक्त के नमूने लिए गए और हेमेटोलॉजिकल (रक्त संबंधी) जांच की गई।
सितंबर में, स्थिति स्थिर न रहने पर अल्ट्रासाउंड जांच की गई, जिसमें गुर्दे (किडनी) में संक्रमण के लक्षण पाए गए — यह समस्या बड़ी बिल्लियों में आम होती है।
इसके बाद जी.ज़ेड.आर.आर.सी., वंतारा (जामनगर) की एक विशेषज्ञ पशु चिकित्सा टीम को उन्नत जांच और इलाज के लिए बुलाया गया।
यह टीम 26 सितंबर को नंदनवन जंगल सफारी पहुंची और 10 दिनों तक बिजली का उपचार किया।
बाद में सीटी स्कैन में गर्भाशय में संक्रमण (पायोमीट्रा) का पता चला, जिसके लिए विशेष चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता थी।
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) से अनुमति प्राप्त करने के बाद, बिजली को आगे के उपचार हेतु जी.ज़ेड.आर.आर.सी., वंतारा, जामनगर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
बिजली का स्थानांतरण आज, 07.10.2025 को ट्रेन द्वारा किया जा रहा है, जिसमें पूरे सफर के दौरान पशु चिकित्सकों की निरंतर निगरानी रहेगी।