CGPSC भर्ती घोटाले में पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत पांच CBI के हिरासत में

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में केंद्रीय एजेंसी की कार्यवाही तेज हो गई है । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को आयोग की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है। सीबीआई की इस कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।

सूत्रों के मुताबिक, जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उनमें आरती वासनिक के अलावा हाल ही में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित सुमित ध्रुव और तीन अन्य लोग शामिल हैं। इनसे सीबीआई टीम ने कई घंटों तक गहन पूछताछ की। बताया जा रहा है कि पूछताछ के बाद सभी को हिरासत में लेकर शुक्रवार को विशेष अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। सीबीआई अदालत से पुलिस रिमांड की मांग भी कर सकती है, ताकि आरोपियों से और पूछताछ की जा सके।

सचिव का बेटा भी हिरासत में

सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि हिरासत में लिए गए लोगों में एक सचिव का पुत्र भी शामिल है। हालांकि, सीबीआई की ओर से अभी तक इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

इसके पहले भी हो चुकी है पूछताछ

गौरतलब है कि सीबीआई ने दिसंबर 2024 में भी पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक से लंबी पूछताछ की थी। उस समय भी उनकी भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे, लेकिन अब पहली बार उन्हें हिरासत में लिया गया है।

इसी बीच, खबर यह भी है कि सीबीआई ने महादेव एप सट्टेबाजी प्रकरण में भी तीन लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जुलाई 2023 से सीबीआई के पास जांच

याद दिला दें कि जुलाई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने सीजीपीएससी द्वारा 2020 से 2022 के बीच आयोजित भर्ती परीक्षाओं में हुए कथित घोटाले की जांच अपने हाथ में ली थी। आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य वरिष्ठ पदों पर चयन में बड़े पैमाने पर धांधली हुई। इसके चलते न केवल परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठे, बल्कि लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य भी अधर में लटक गया।

अब तक हुई गिरफ्तारियां

इस मामले में अब तक सीबीआई आधा दर्जन से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष तामन सिंह सोनवानी, उनके भतीजे निशांत सोनवानी और साहिल सोनवानी, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवाले, उद्योगपति श्रवण गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल और भूपेंद्र सोनी जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं।

इसके अलावा, आयोग की पूर्व सदस्य भूमिका कटियार का नाम भी इस मामले में आ चुका है। इन सभी पर चयन प्रक्रिया में हेराफेरी, फर्जी दस्तावेजों के सहारे उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने और मोटी रकम लेने के आरोप हैं।

बड़ा राजनीतिक मुद्दा

सीजीपीएससी भर्ती घोटाला अब सिर्फ प्रशासनिक भ्रष्टाचार का मामला नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। विपक्ष लगातार इस मामले में सरकार पर निशाना साधता रहा है और सीबीआई की ताजा कार्रवाई ने विपक्ष को एक बार फिर हमलावर होने का मौका दे दिया है।

आगे क्या?

सीबीआई की हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद नए खुलासे होने की संभावना है। जांच एजेंसी की कोशिश है कि इस घोटाले की पूरी परतें खोली जाएं और यह पता लगाया जाए कि धांधली में और कौन–कौन से बड़े नाम शामिल थे।

परीक्षार्थियों की चिंता

इधर, लाखों परीक्षार्थी जो इस भर्ती घोटाले से प्रभावित हुए हैं, वे अब भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सीबीआई की लगातार कार्रवाई से उन्हें भरोसा है कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।

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