कोंडागांव को मिली बड़ी सौगात : केशकाल बाईपास बनेगा 4-लेन, 307.96 करोड़ की स्वीकृति

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चित्रा पटेल : कोंडागांव : 16 जून 2025।छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के लिए विकास का एक और द्वार खुला है। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (नया NH-30) पर स्थित 11.380 किलोमीटर लंबे केशकाल बाईपास को अब पेव्ड शोल्डर मानक के साथ 4-लेन में अपग्रेड किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 307.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसकी जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।कनेक्टिविटी और यातायात सुविधा में होगा सुधारइस बाईपास के निर्माण से कोंडागांव और केशकाल घाट क्षेत्र की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। खासतौर पर केशकाल घाट के चुनौतीपूर्ण इलाके में अब वाहनों को सुगम, सुरक्षित और भीड़-भाड़ रहित मार्ग मिलेगा। इससे यातायात बाधाएं कम होंगी और वाहन चालकों को तेज और निर्बाध आवाजाही की सुविधा मिलेगी।

बाईपास के निर्माण से शहरी इलाकों से भारी वाहनों का बोझ हटेगा, जिससे शहर की सड़कों पर भीड़ कम होगी। इसके साथ ही प्रदूषण में कमी और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम में भी गिरावट आएगी। पैदल यात्रियों और स्थानीय मोटर चालकों के लिए भी यह परियोजना बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।नेताओं ने जताया आभारइस परियोजना की स्वीकृति पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि“कोंडागांव जिले के लिए यह स्वीकृति एक बड़ी सौगात है। 307.96 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना से केशकाल घाट खंड में यातायात बाधाएं कम होंगी और सुरक्षित, सुगम यात्रा सुनिश्चित होगी। पीएम गति शक्ति पहल और केंद्रीय नेतृत्व के लिए हार्दिक धन्यवाद।”वहीं, छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव ने भी इसे कोंडागांव जिले के लिए ऐतिहासिक सौगात बताया। उन्होंने कहा कि“राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर 4-लेन केशकाल बाईपास के निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी, व्यापारिक गतिविधियों और यातायात व्यवस्था में जबरदस्त सुधार होगा।”पीएम गति शक्ति योजना के तहत मिलेगा नया आयामइस परियोजना को पीएम गति शक्ति योजना के तहत शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय सड़कों का जाल और भी सुदृढ़ होगा। भविष्य में इससे छत्तीसगढ़ के व्यापार, पर्यटन और यातायात प्रबंधन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

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