राजनांदगांव : दिनांक 10 जून 2025 को शाम लगभग 6:00 बजे, मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष नागपुर से एक अत्यंत हृदयविदारक सूचना प्राप्त हुई , कि गाड़ी संख्या 18029 कुर्ला–शालीमार एक्सप्रेस से एक मासूम 4 वर्षीय बालक, सागनिक बेरा, ट्रेन की आपातकालीन खिड़की से गिर गया है। यह दुर्घटना डोंगरगढ़–जटकन्हार रेलखंड के डाउन लाइन पर, किमी संख्या 926/8–10 के बीच घटित हुई।



बच्चे की माँ आनंदिता बेरा, निवासी कोसापुलिया, पूर्वी मिदनापुर (प. बंगाल), कोच एस-3 में अपने पुत्र के साथ एलटीटी से खड़गपुर की यात्रा कर रही थीं। जैसे ही वे ऊपर की सीट पर चढ़ने लगीं, बालक अचानक खिड़की से नीचे गिर गया। माँ की चीखें और तत्काल एसीपी खींचने की सूझबूझ ने बच्चे की जान बचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रेल सुरक्षा बल के सहायक उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह घटनास्थल की ओर रवाना हुए। वहीं गाड़ी के अनुरक्षण दल के प्रधान आरक्षक टी.एन.एस. चौहान एवं महिला आरक्षी ज्योति वाला घायल बच्चे को मां के साथ डोंगरगढ़ की ओर ला रहे थे।
घायल बच्चे को प्राथमिक उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के पश्चात उसकी स्थिति को गंभीर देखते हुए उसे पेंड्री मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव रेफर किया गया।
यहीं से संवेदनशीलता और समर्पण की वह मिसाल सामने आई, जिसकी प्रेरणा हर अधिकारी को मिलनी चाहिए।सूचना प्राप्त होते ही मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपचंद आर्य के मार्गदर्शन में रेल सुरक्षा बल पोस्ट राजनांदगांव की प्रभारी निरीक्षक तरुणा साहू तुरंत सहायक उप निरीक्षक डीबी मेश्राम एवं प्रधान आरक्षक एस के मिश्रा को पेंड्री अस्पताल भेजा और जब उन्होंने घायल बालक की गंभीर स्थिति, उसकी मां की बेबसी और मासूम चेहरे की पीड़ा देखी, तो बिना विलंब किए सभी संबंधित अधिकारियों, अस्पताल प्रबंधन और परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए बच्चे को रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल रेफर करवाया।
बच्चे का सामान जो ट्रेन में छूट गया था, उसे RPF पोस्ट राजनांदगांव द्वारा सुरक्षित रूप से एकत्र कर अस्पताल लाया गया और मां को हर संभव सहायता, जैसे आवश्यक सामग्री, दवाइयाँ, पानी, बच्चों के जरूरत का सामान आदि भी मुहैया कराए गए। तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था कर सहायक उप निरीक्षक अर्जुन सिंह प्रधान आरक्षक एस के मिश्रा रेल सुरक्षा बल पोस्ट राजनंदगांव साथ में बच्चे के डी के हॉस्पिटल रायपुर भेजा गया, जहां उसका सीटी स्कैन व अन्य चिकित्सीय परीक्षण करवाए गए। डॉक्टरों के अनुसार अब बालक की स्थिति स्थिर है और उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।