New Delhi : 15मई 2025,कोर्ट ने बुधवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पैदल यात्रियों के लिए उचित फुटपाथ सुनिश्चित करने के लिए गाइडलाइंस तैयार करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने फुटपाथ को पैदल यात्रियों के लिए संवैधानिक अधिकार बताया.
जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि फुटपाथों की गैरमौजूदगी में पैदल यात्रियो को सड़कों पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे वे हादसों के शिकार हो जाते हैं. बेंच ने कहा कि नागरिकों के लिए सही फुटपाथ होना जरूरी है. ये इस तरह बने होने चाहिए कि दिव्याग व्यक्तियों के लिए भी सुलभ हों और अतिक्रमण हटाना जरूरी है. फुटपाथ का इस्तेमाल करने का पैदल यात्रियों का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है. अदालत में एक अर्जी में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी, जिसमें फुटपाथों की कमी और अतिक्रमण को उजागर किया गया था.
दो माह का दिया वक्त
कोर्ट ने केंद्र सरकार को दो महीने के भीतर पैदल यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी गाइडलाइस रेकॉर्ड पर लाने का निर्देश दिया. कोर्ट ने सरकार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के गठन के संबंध में छह महीने का समय दिया और कहा कि और समय नहीं दिया जाएगा.