बलरामपुर : बलरामपुर में बड़ा मामला, बजरंगदल कार्यकर्ता का एक महिला के साथ मिली लाश के मामले पर राजनीति सियासत तेज हो गई है। स्थानीय विधायक और मंत्री रामविचार नेताम ने अब अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि बलरामपुर में घटित घटना अकल्पनीय और दुखद है। मैं झारखंड एवं दिल्ली प्रवास में रहने के बावजूद सभी से लगातार संपर्क में हूं। इस घटना की पुलिस प्रशासन के द्वारा निरंतर जांच की जा रही है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद यदि मृतक के परिजन अभी तक जांच से संतुष्ट नहीं है तो किसी भी स्तर की उच्चस्तरीय जांच की जाएगी। मंत्री नेताम ने कहा कि इसके लिए मैंने मृतक सुजीत स्वर्णकार और किरण काशी के माता-पिता एवं परिवार जनों से बात कर उन्हें आश्वस्त भी किया है। मृतक सुजीत स्वर्णकार मेरे लिए एक परिवार सदस्य की तरह था, उसकी असमय रहस्यमय में मृत्यु से मैं बहुत ही दुखी और व्यथित हूं। दुख किस घड़ी में उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए मंत्री नेताम ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में परिवार के साथ सदैव खड़ा हूं। इस संबंध में मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि इस घटना को लेकर किसी भी प्रकार का भ्रम व अपवाह में न आकर ठोस एवं उचित तथ्य को जांच एजेंसी के सामने लाएं।
बलरामपुर में दोहरे हत्याकांड के खुलासे के बाद नाराज लोग सड़क पर उतर आए हैं। सड़क पर टायर जलाकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारी पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के लोगों ने कहा कि घटना में पुलिस फर्जी कहानी बता रही है कि युवक और युवती की मौत शिकार के लिए लगाए गए करंट से हुई है, जबकि दोनों की हत्या की गई है, लेकिन असलीआरोपियों को पकड़ा नहीं जा रहा है। बता दें कि दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने बलरामपुर थाना क्षेत्र के बड़कीमहरी निवासी शिवचरण, परिश्रम व शिलो को गिरफ्तार किया है।
इस दौरान प्रदर्शनकारी सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने गृह मंत्री विजय शर्मा और क्षेत्र के विधायक और मंत्री राम विचार नेताम से भी इस्तीफे की मांग की। लोगों का कहना है कि पुलिस फर्जी कहानी बता रही है। सरकार को इसमें कड़ा एक्शन लेना चाहिए, जिससे असली आरोपी बच न सकें। आक्रोशित लोगों ने इस दौरान मंत्रियों का पुतला दहन किया। इससे पहले घटना सामने आने के बाद भी लोगों ने बलरामपुर बंद कर चक्काजाम किया था।