- HNS 24न्यूज़( hns 24 news) की खबर निकली सही,
- एक पार्टी दफ्तर में हुआ हंगामा,
- नेत्री रोते हुए निकली ,,
- कुछ टीवी चैनलों ने चलाई विवाद की खबरें
रायपुर :एक पार्टी के मीडिया दफ्तर में अपने ही नेशनल कोऑर्डिनेटर से मीडिया विभाग के चंद प्रमुख पदाधिकारी ने अभद्रता की, इस बात की खबर एच एन एस न्यूज़ ( hns 24 news) ने सबसे पहले प्रसारित की ,, अब इस खबर की पुष्टि उसे पार्टी दफ्तर के कार्यरत कर्मचारी कुछ आंखों देखा हाल देखने वाले कार्यकर्ता और खुद,,, पीड़िता का ट्वीट कर रहा है ,

कई विवादों को झेल रही एक पार्टी का मीडिया विभाग इन दिनों युद्ध का अखाड़ा बन गया है। प्रवक्ताओं के आपस में तालमेल की कमी गए बगाहे सामने आ रही है और चुनाव में जहां मीडिया विभाग को समन्वय से काम करना चाहिए वहां मीडिया विभाग ही सबसे ज्यादा असामान्य से काम करता दिख रहा है। विधानसभा चुनाव में प्रवक्ताओं के परितोषित वितरण में असमानता का मामला अभी शांत हुआ नहीं है कि पिछले दिनों अध्यक्ष और एक प्रवक्ता के बीच विवाद की खबर ऑन कैमरा रिकॉर्ड हुई , अब बताया जा रहा है कि मीडिया विभाग में कोऑर्डिनेटर बनाकर भेजी गई दिल्ली की नेशनल कोऑर्डिनेटर से मीडिया विभाग की पटरी नहीं बैठ रही है,, मिडिया ब्रीफिंग करने को लेकर नेशनल मिडिया कोऑर्डिनेटर और मीडिया विभाग के अध्यक्ष में जमकर विवाद जैसी स्थिति निर्मित हो गई है।
बताया जा रहा है कि अधिकृत नेशनल मीडिया प्रभारी बनाकर भेजी गई महिला नेत्री के साथ मीडिया विभाग का असहयोगात्मक रवैया उसे समय विवाद की स्थिति में तब्दील हो गया जब एक विषय पर बाइट देने को लेकर तू तू मै मैं की स्थिति बन गई,पार्टी के पक्ष लेने को लेकर पीसी की अनुमति और बाइट देने के लिए पत्रकारों को बुलाया जाना विवाद का कारण था जिस पर उठे सवालों से एआईसीसी द्वारा अधिकृत नेशनल मीडिया कोडनेटर से विवाद हो गया , बताया जाता है कि विवाद इतना बढ़ा की झूमा झटकी की नौबत आ गई इस पूरे मामले की पीड़ित नेत्री ने वीडियो भी बना ली है , नाम छुपाने की शर्ट में घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने पीड़ित नेत्री को रोते हुए भी देखा है । अब इस नेत्री का एक ट्वीट भी चर्चा में है जो की बताया जा रहा है कि इसी घटनाक्रम की ओर इशारा करते हुए किया गया है पर पार्टी इस मामले में अभी मौन साधे हुए हैं।
इस मामले की शिकायत पी सी सी सहित दिल्ली तक की गई है
इस खबर के सामने आने के बाद पार्टी की आल्हा नेता इस मामले को सुलह सफाई कर खत्म कर देना चाहते हैं हालांकि पीड़ित नेत्री अपने के अपने साथ हुए दुर्व्यवहार पर खासी अक्रोशित बताई जा रही हैं।
कौशल्या माता के मायके में बेटी सुरक्षित नहीं है।
पुरुषवादी मानसिकता से ग्रसित लोग आज भी बेटियों को पैरों तले कुचलना चाह रहे हैं।
करूंगी खुलासा …!!
— Radhika Khera (@Radhika_Khera) April 30, 2024