छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के न्याय यात्रा के राजनीतिक प्रहसन को प्रदेश की जनता ने कतई रिस्पॉन्स नहीं दिया : भाजपा

Chhattisgarh

रायपुर  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को हताश कांग्रेस की फिजूल सियासी कवायद करार देते हुए तंज कसा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के इस राजनीतिक प्रहसन को प्रदेश की जनता ने कतई रिस्पॉन्स नहीं दिया है। तमाम संसाधन झोंकने के बाद भी कांग्रेस अपने ‘शहजादा’ को स्थापित करने में विफल साबित हुई है। देव ने कहा कि राहुल गांधी की पिछली भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस तीन राज्यों की सत्ता से बेदखल हुई थी और अबकी बार तो छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस को मुँह की खानी पड़ेगी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि अन्याय की पराकाष्ठा करने वाली कांग्रेस अब किस मुँह से न्याय यात्रा के नाम पर गाल बजा रही है? भाजपा मानती है कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा कांग्रेस का एक और सुपर फ्लॉप शो साबित होगी और इसका कोई राजनीतिक लाभ कांग्रेस को नहीं मिलने वाला है।  देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने हाल के विधानसभा चुनाव में ‘मोदी की गारंटी’ पर भरोसा जताकर भाजपा को जो ऐतिहासिक जनादेश देकर सत्ता सौंपी है, उसके बाद छत्तीसगढ़ में इस यात्रा के बाद भी कांग्रेस को एक लोकसभा सीट भी नहीं मिलने वाली है।  देव ने कहा कि दरअसल कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मुकाबला नहीं कर पा रही है। कांग्रेस मोदी-विरोध के एजेंडे पर चलते-चलते अब देश और देश की जनता का विरोध करने लगी है जिसे देश की जनता स्वीकार नहीं कर रही है। इसलिए कांग्रेस चाहे जितनी यात्रा निकाले, उसका कुछ नहीं होने वाला है। पिछला लोकसभा चुनाव भी हमने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के लगभग चार महीने बाद लड़ा और 11 में से 9 सीटें जीती थीं। इस बार सभी 11 लोकसभा सीटें भाजपा जीतेगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि आजादी के बाद सालों तक लगातार जाति-पंथ विभिन्न बहानों से देश को आपस में लड़ाकर तोड़ने वाली कांग्रेस अब भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाल रही है! कहने को तो कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हैं, परंतु उन्हें डमी बनाकर रखा गया है। परिवारवाद में बुरी तरह जकड़ी कांग्रेस में आज भी राहुल गांधी की ही तूती बोल रही है। हमने बार-बार यह प्रश्न किया है कि आखिर भारत टूटा कहाँ से है, जिसे राहुल जोड़ने निकले हैं? उल्टे उनकी पार्टी के एक सांसद डीके सुरेश देश तोड़ने की धमकी भरी भाषा बोल रहे हैं और राहुल गांधी इस पर मुँह में दही जमाए बैठे हैं। अगर राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी को जोड़ने का प्रयास करें या मोहब्बत की दुकान पहले पार्टी में चलाएं, तो शायद उन्हें इसका फायदा होगा और डर और नफरत की बात करके राहुल गांधी देश में परस्पर सद्भाव को क्षति पहुँचा रहे हैं। आज देश साक्षी है कि नफरत की दुकान खोलकर राहुल गांधी ने प्रभु रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आमंत्रण अस्वीकार कर यह बता दिया कि नफरत कहां भरी पड़ी है? किरण सिंहदेव ने कहा राहुल गांधी ,इंडी अलांयस और कांग्रेस के साथ तो न्याय कर लेते फिर न्याय यात्रा निकालते।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *