न्यायपालिका की उन्नति के लिए एक दूसरे के अनुभव को न्यायाधीशगण करे सांझा — मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा

Chhattisgarh

रायपुर : शुभारंभ कार्यकम में  न्यायाधिपति  संजय के. अग्रवाल ने अपने उ‌द्बोधन में यह बताया कि यह अंतर्राष्टीय प्रशिक्षण कार्यकम राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी भोपाल एवं बांग्लादेश के उच्चतम न्यायालय के मध्य हुए समझौता ज्ञापन के तहत आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यकम के संबंध में विस्तार से बताते हुए उन्होंने व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण कार्यकम में विधि एवं न्यायशास्त्र के महत्वपूर्ण क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए सिविल एवं आपराधिक विधि के हुए नवीन विकास, महिलाओं से संबंधित कानून बाल अधिकारों के संरक्षण से संबंधित कानूनों के संबंध में विस्तार से सत्र आयोजित किये जायेंगे। जिसमें विधि महाविद्यालयों के व्याख्याता, वरिष्ठ अधिवक्तागण तथा छत्तीसगढ़ के अनुभवी न्यायिक अधिकारीगण के द्वारा व्याख्यान दिये जायेंगे।

इस शुभारंभ कार्यकम में बांग्लादेश से आये हुए न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए अपने स्वागत उद्बोधन में  न्यायाधिपति  राकेश मोहन पाण्डेय के द्वारा यह बताया गया कि भारत एवं बांग्लादेश को जोड़ने के लिए अनेक क्षेत्र हैं कई क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए इस बिंदु को भी बताया कि दोनों देशों के राष्ट्रगान को  रविन्द्रनाथ टेगोर के द्वारा ही लिखा गया है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की निदेशिका सुषमा सावंत के द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया गया तथा कार्यक्रम का संचालन अकादमी की अतिरिक्त निदेशिका  गरिमा शर्मा द्वारा किया गया।

जैसे-जैसे प्रशिक्षण कार्यकम आने वाले 5 दिनों में पूर्णता की ओर बढ़ेगा, राज्य न्यायिक अकादमी, न्यायिक समुदाय पर इसके परिवर्तनकारी प्रभाव एवं न्याय व्यवस्था की उन्नति में इसके योगदान को देखने के लिए उत्सुक है।

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