रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि नारी शक्ति का अपमान करने वाली कांग्रेस नवरात्र पर अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने का दावा कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कह रहे हैं कि उनके प्रत्याशी तो पहले ही तय हो गए थे, नवरात्र का इंतजार कर रहे थे। लेकिन हकीकत यह है कि कांग्रेस अब भी उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है। हमने 90 में से 85 उम्मीदवार मैदान में उतार दिए। दूसरी तरफ कांग्रेस हमारे मुकाबला उम्मीदवार तय करने की स्थिति में नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि भूपेश बघेल अपनी तयशुदा हार को देखकर बौखला गए हैं। उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। इसलिए उन्हें भाजपा के बारे में जरूरत से ज्यादा चिंता हो रही है। जबकि उन्हें अपनी डूबती कांग्रेस की चिंता करना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने सवाल किया है कि भूपेश बघेल पहले तो यह बताएं कि जिन तीन बाहरी लोगों को छत्तीसगढ़ से राज्यसभा भेजा गया है, उनकी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में क्या भूमिका है? क्या इनमें से किसी राज्यसभा सांसद को विधानसभा चुनाव लड़ाने की हिम्मत कांग्रेस में है? भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान को दिल्ली में गिरवी रखते आए हैं। उन्होंने मोतीलाल वोरा जी जैसे वरिष्ठतम नेता को दरकिनार कर कांग्रेस के दामाद राबर्ट वाड्रा की फीस के तौर पर उनके वकील केटीएस तुलसी को राज्यसभा भेज दिया। इसके बाद छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं का हक मार कर रंजीत रंजन और राजीव शुक्ला जैसे बाहरी नेताओं को छत्तीसगढ़ से राज्यसभा भेजा। भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ केवल गिल्ली डंडा गेड़ी पिट्टू तक ही सीमित नजर आता है। छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान को आला परिवार के लिए कुर्बान करने में उन्हें कभी शर्म नहीं आती।
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि भूपेश बघेल झीरम के सबूत जेब में रखकर घूमने का दावा करते थे। 5 साल तक यह सबूत उनकी जेब में ही रह गए और अब झीरम कांड को लेकर पितृपक्ष में जो राजनीति कर रहे हैं, उससे कांग्रेस के दिवंगत नेताओं की आत्मा उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। हमें कांग्रेस के दिवंगत नेताओं के परिवार से गहरी सहानुभूति है और उन नेताओं के प्रति हमारा सम्मान है। भाजपा लगातार झीरम का सच सामने लाने तत्पर रही लेकिन भूपेश बघेल की सरकार ने न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट को ही राजनीति का खिलौना बना कर रख दिया। आज वह किस मुंह से झीरम की बात करते हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भूपेश बघेल यह बताएं कि कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन किस वजह से छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की प्रवक्ता बनकर प्रवचन देती हैं। कांग्रेस और नक्सलियों के बीच क्या रिश्ता है, यह भूपेश बघेल को बताना होगा। बस्तर में भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं की टारगेट किलिंग किसके इशारे पर हो रही है, यह सब के सामने है कि नक्सलियों से साठगांठ तो कांग्रेस की है।