रायगढ : घरघोड़ा और तमनार ब्लॉक सहित पूरा रायगढ़ जिला अवैध खनिज परिवहन के लिए प्रसिद्ध है। चाहे वह कोयला हो,रेत हो या अन्य खनिज हो,आये दिन खुलेआम अवैध खनिज परिवहन का मामला आमने आती है। लगातार हो रही कार्यवाही के बावजूद भी खनिज तस्करों के हौसले बुलंद हैं।11 अप्रैल की सुबह भी सहायक कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी को मुख़बिर से सूचना मिलने पर खदान से कोयला, डोलोमाइट और फायर-क्ले से लोड 10 -12 गाड़ियां गाड़ियां निकालकर देलारी की ओर जा रही है। सूचना प्राप्त होते ही मयंक चतुर्वेदी ने खनिज विभाग को सूचना कर संयुक्त टीम गठित कर पूंजीपथरा पहुँचे। जांच टीम के पहुचने की जानकारी जैसे ही ट्रांपोर्टरों और वाहन चालकों में अफरा तफरी सी मच गई।इस अफरा तफरी में खनिज विभाग के हाथ नौ गाड़ियां लगी जिसमे पांच गाड़ी कोयला,तीन गाड़ी फायर क्ले और एक गाड़ी डोलोमाइट की थी।इन गाड़ियों में रॉयल्टी तो थी पर उनमे समय अंकित नही था।मतलब एक रॉयल्टी लो और जीतनी बार मन करे उतनी बार खनिज संसाधनों का परिवहन करो। सभी जप्त गाड़ियों पर माइनिंग एक्ट तहत कार्यवाही करते हुए पूंजीपथरा थाने को सुपुर्द कर दिया गया है।