निजी भूमि पर भू अर्जन किए बिना, और मुआवजा दिए बिना – निगमद्वारा रोड बनाएकि कोशिशपर हाई कोर्ट किया स्थगन

Chhattisgarh

धमतरी : मामला धमतरी नगर निगम का है कि आवेदिका कुमारी उरमल मुंजवानी पिता श्री सुखदेव मुजवानी, की निजी भूमि खसरा नं 139/1, 139/3 एवं 161/11 रकबा 0.244, 0.023 एवं 0.283 हेक्टेर सुभाष नगर, कांटा तालाब के पास, नगर निगम क्षेत्र धमतरी में स्थित हैं। नगर निगम, धमतरी द्वारा उक्त निजी जमीन पर अवैध एवं गैरकानूनी रूप से ट्रैक्टर एवं जे. सी. बी. का इस्तेमाल करते हुए सड़क निर्माण का कार्ये आरंभ करने का प्रयास किया गया । तद पश्चात आवेदिका द्वारा माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका WPC/1643/2020 अपने अधिवक्ता आर एस पटेल के माध्यम से पेश किया था। जिसमें माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम आदेश दिनाँक 22.07.2020 में यह निर्देश दिया गया कि आवेदिका कि निजी भूमि पर सभी पार्टी द्वारा यथा स्थिति (status quo) बनाई जाए।

इसके पश्चात हाई कोर्ट ने अंतिम फैसला करते हुए, सीमांकन करवाने का आदेश दिया और दिनाँक 23.02. 2023 को नगर निगम के अधिकारियों के उपस्थिति मे नजूल एवं राजस्व अधिकारी द्वारा सीमांकन किया गया जिसमे उपरोक्त लिखित जमीन आवेदिका कि निजी भूमि पाया गया।

फिर भी नगर निगम धमतरी द्वाराधारा 305 और 306 नगर पालिका अधिनियम 1956 प्रावधान के बिरुद्ध एव निजी भूमि खसरा नंबर 161 / 18 के एक किनारे से 20 फिट भूमि को बिना अर्जित किए और बिना मुआवजा दिए नगर निगम धमतरी द्वारा सड़क बनाने कि कोशिश किया गया, जो विधि विपरीत होने दिनाँक 27.06.2023 को सभी पक्षों को सुनवाई करते हुए माननीय जस्टिस श्री पी सैम कोशी साहब ने महापौर एवं निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा और आवेदिका के निजी भूमि पर किसी भी प्रकार के विकास कार्य एवं सड़क निर्माण के कार्य पर रोक लगा दिया है, यथा स्थिति (status quo) बनाई जाए और साथ ही साथ अधिकारीगण को निजी भूमि पर हस्तक्षेप करने से निषिद्ध किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *