साय के भाजपा छोड़ने के कारण अभी तक स्पस्ट नहीं, की जा रही है समीक्षा

Chhattisgarh

रायपुर : नंदकुमार साय ने अचानक से भाजपा को दी झटका,जब साय छत्तीसगढ से बाहर थे,तभी पत्र के माध्यम से भाजपा को छोड़ कर अलविदा कहा,जब पत्र की सच्चाई जानने की कोशिश की गई पत्रकारों द्वारा तो साय के करीबी लोगों ने इंकार कर दिया था, फिर उन्होंने कई घंटों के बाद पत्र को सच्चाई कही। उनके करीबी ने दिल्ली में मौजूद होने की बात कही।आज सुबह ही रायपुर में मौजूद बताया गया, फिर अचानक से रायपुर में स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंचकर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ की राजनीति में कल से चल रहे ड्रामें का आखिर आज दोपहर में पट्टा क्षेप हो गया जब नन्द कुमार साय ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और मुख्यमंत्री की उपस्थित में कांग्रेस प्रवेश कर लिया ,हालांकि इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया में चर्चा गरम है और लोग अपने अपने हिसाब से इस घटनाक्रम की समीक्षा कर रहे हैं ।विदित हो कि नन्दकुमार साय भाजपा के वरिष्ठ नेता थे उन्हें पार्टी ने मध्यप्रदेश एवम छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा था तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के पद से भी सुशोभित किया था ,इसके अलावा श्री साय भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि के रूप में तीन बार विधायक,तीन बार लोकसभा सदस्य ,दो बार राज्य सभा सदस्य सहित छत्तीसगढ़ के प्रथम नेता प्रतिपक्ष के पद का निर्वहन कर चुके हैं । वैसे तो  साय के भाजपा छोड़ने के कारण अभी तक स्पस्ट नहीं हो सके हैं ।लेकिन भाजपा छोड़ने से अधिक कांग्रेस प्रवेश करने के कारणों की समीक्षा की जा रही है।

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