सविधान के साथ छेड़छाड़ हो रही है,सविधान खतरे में हैं,राज्यपाल के अधिकारों की समीक्षा होनी चाहिए : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Chhattisgarh

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  आज.राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक में डॉ बाबा साहेब आंबेडकर जयंती पर उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा सविधान के साथ छेड़छाड़ की जा रही है संविधान खतरा में है, वर्तमान केंद्र की सरकार है लगातार संविधान की व्यवस्थाएं को कमजोर करने का काम किया जा रहा है, आज आरक्षण जिसको जितना मिलना चाहिए वह हो नहीं रहे, सभी भर्तियां बंद है, न्यायपालिका को भी प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है ,आज लोकसभा में चर्चा होती नहीं,अडानी को लेकर सवाल पूछा जाता है तो बंगले खाली करा दिए जाते हैं,सवाल पूछने का अधिकार नहीं है, प्रजातंत्र में सबसे बड़ा अस्त्र है विपक्ष का सवाल पूछने का है, लेकिन सवाल पूछने वाले को दंडित करते हैं,, कुचलने की कोशिश करते हैं, इसका मतलब लोकतंत्र खतरे में है।

उद्बोधन में  मुख्यमंत्री ने कहा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा देश में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है आज डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती।बाबा साहब के जीवन देखे तो बहुत संघर्षमय रहा है। मध्यप्रदेश के इंदौर के पास राहुल गांधी के पद यात्रा के दौरान हम लोगों को वहां पर जाने का अवसर मिला, उनकी बाल्यकाल की बात करें तो बालक खेलकूद में भी अव्वल रहने वाले सच्चा और बहुत बुद्धिमान थे। उनके पिताजी शासकीय नौकरी में थे, अनेक जगह में स्थानांतरण हुआ था। बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए और देखा कि भारतीय समाज में जो सबसे बड़ी कमजोरी है उसके लिए वह आवाज लगातार उठाते रहे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा हम कुत्ते बिल्ली को गोद में ले सकते हैं, लेकिन मनुष्य के साथ भेदभाव करके उन्हें अपमानित करते हैं, एक तरफ देश में आज़ादी की लड़ाई लड़ी जा रही थी, दूसरी तरफ भीमराव आंबेडकर छुआछूत ख़त्म करने की लड़ाई लड़ रहे थे।

देश के बहुत सारे महापुरुषों ने महसूस किया और उसके लिए संघर्ष किया उसी प्रकार से डॉ भीमराव अंबेडकर ने भी सभी शोषित पीड़ित लोगों की आवाज को बुलंद कर रहे थे। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर दलित समाज को संगठित , उनकी आवाज बुलंद कर रहे थे । अंग्रेजों को भगाया गया और देश आजाद हुआ। देश के प्रधानमंत्री नेहरू-गांधी मनाया गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा बाबा भीमराव अंबेडकर ने संविधान सभा के आखिरी वक्तव्य में उन्होंने कहा था कि संविधान कितना भी अच्छा हो लेकिन उसको लागू करने वाला व्यक्ति के ऊपर निर्भर करता है कि संविधान को  किस प्रकार से हो, लेकिन जो सविधान हमारी रक्षा करती है वह संविधान आज खतरे में है,  संविधान  के साथ छेड़छाड़ लगातार हो रही है,  लोकतंत्र खतरे पर है , यदि संविधान  नहीं बचेगा तो हम सब खतरे में पड़ जाएंगे, लोकसभा में अदानी को लेकर सवाल पूछा जाता है तो बंगले से हटा दिया जाता है सवाल रोक दिया जाता है , उन्हे प्रताड़ित किया जा रहा है सवाल पूछने वालों को प्रताड़ित किया जाता है आज विपक्ष और पत्रकार सवाल पूछने का अधिकार नहीं उन्हें सवाल पूछने से रोका जा रहा है।

आरक्षण विधेयक अब तक राजभवन में अटका हुआ है अभी तक राज्यपाल का हस्ताक्षर भी नहीं हुआ है, राज्यपाल के अधिकारों की क्या समीक्षा होनी चाहिए, इस सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा तमिलनाडु के विधानसभा में पारित हुआ जितने भी गैर भाजपा शासित राज्य हैं राजभवन के जो भूमिका है उसकी समीक्षा होनी चाहिए आखिर किसी बिल को कितने दिन तक रोका जा सकता है आरक्षण तो विशुद्ध रूप से राज्य का विषय है उसमें राज्यपाल कई महीनों तक रोक के बैठे यहां के भर्तियां रुकी हुई है उसको भी रोका जाता है तो निश्चित रूप से इस बात की समीक्षा होनी चाहिए। राज्यपाल क्या प्रदेश के नौजवानों युवाओं के अधिकार को भारतीयों को रोक दें यह अधिकार राज्यपाल को नहीं मिलना चाहिए। आरक्षण बिल पर हस्ताक्षर करें या लौटा दे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *