मुख्यमंत्री की कर्मचारियों से अपील-जनता को असुविधा हो रही है ड्यूटी पर लौटें, सरकार कर्मचारी हित के निर्णय लेगी

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रायपुर। कर्मचारी हड़ताल से जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दोपहर उनसे काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा, लोगों की आवश्यकता से जुड़े काम रुक जाने से उन्हें परेशानी हो रही है। ऐसे में आप अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करें। उसके बाद शाम को हिमाचल से लौटने पर दो टूक कहा कि कितने दिन तक हड़ताल करेंगे अब उनको वापस आना चाहिए। छह फीसदी डीए पहले ही बढ़ा दिया गया है। वे हठधर्मिता छोड़ें और काम पर वापस लौटे। उन्होंने कहा, जो काम पर वापस लौट जाएंगे उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होगी। अगर काम पर नही लौटे तो सर्विस ब्रेक भी होगी, तनख्वाह भी काटी जाएगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया एकाउंट में लिखा कि हड़ताल में शामिल सभी कर्मचारियों से मेरी अपील है कि लोगों की आवश्यकता से जुड़े काम रुक जाने से जनता को असुविधा हो रही है। आप सभी कर्त्तव्यों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने लिखा कि हमारी सरकार कर्मचारी हित के लिए सदैव तत्पर है। पुरानी पेंशन योजना उसका एक उदाहरण है। राज्य के वित्तीय संसाधनों को देखते हुए हम कर्मचारी हित में निर्णय लेते रहे हैं, आगे भी लेते रहेंगे। सीएम की अपील को फेडरेशन ने सकारात्मक ढंग से लिया है। कर्मचारी नेताओं की मानें, तो गुरुवार को इस पर चर्चा के लिए बैठक हो सकती है। इसके बाद काम पर लौटने या आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया जाएगा।
सीएस ने की थी संगठनों से चर्चा
इससे पहले मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सोमवार को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के नेताओं को कार्यालय बुलाया था। वहां विधायक विकास उपाध्याय की मौजूदगी में मुख्य सचिव और हड़ताली नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। मुख्य सचिव ने आम लोगों की दिक्कतों का हवाला देकर काम पर वापस लौटने की बात कही थी। हड़ताली नेता अपनी मांग पर अड़े रहे।
2 तक लौटने पर पूरा वेतन भुगतान
मंगलवार को जारी एक परिपत्र में हड़ताल में शामिल नहीं हो रहे कर्मचारियों को राहत देने की कोशिश की गई है। इसमें कहा गया है कि कई कर्मचारी अधिकारी काम पर लौटना चाहते हैं। उनकी सुरक्षा का इंतजाम किया जाए। वहीं 2 सितंबर तक काम पर लौट आए कर्मचारी अधिकारियों की हड़ताल अवधि की अनुपस्थिति को अवकाश स्वीकृत करते हुए वेतन भुगतान किया जाए।
भत्ता बढ़ाने हड़ताल पर हैं कर्मचारी
छत्तीसगढ़ के राज्य कर्मचारियों की यह हड़ताल भत्ता बढ़ाने की मांग के लिए है। कर्मचारी संगठन केंद्र सरकार की तरह 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता और सातवें वेतनमान के अनुसार मूल वेतन का 18 प्रतिशत गृह भाड़ा भत्ता देने की मांग की है। जुलाई में पांच दिनों की हड़ताल के बाद सरकार ने महंगाई भत्ते में 6 प्रतिशत वृद्धि का आदेश जारी कर दिया। वहीं गृह भाड़ा भत्ता के लिए आश्वासन दिया गया। उसके बाद 22 अगस्त से कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।

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