टीएस बोले, कर्मचारियों को देने सरकार के पास पैसे नहीं, रमन ने कहा-भूपेश को उनके मंत्री ने ही दिखाया आईना

Chhattisgarh

रायपुर  : प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में टीएस सिंहदेव से मिलने हड़ताली कर्मचारी गए हुए थे। स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने महंगाई भत्ता और गृह भाड़ा भत्ता को लेकर कर्मचारियों से चर्चा के दौरान कहा, हम लोग कुछ दिन पहले बात कर रहे थे कि 5 से 6 हजार करोड़ रुपये कर्मचारियों को देना पड़ेगा। सरकार की इतनी देने की औकात नहीं है। 40 हजार करोड़ रुपये तो सरकार आप लोग को दे रही है। आप कह रहे हैं कि 5 हजार करोड़ आप लोगों को और चाहिए। आज देने की स्थिति में सरकार नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वीडियाे वायरल होने पर कहा, भूपेश को उनके मंत्री नहीं ऐसा बयान देकर आईना दिखाया है।
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव वीडियो में यह भी कहते हुए नजर आ रहे हैं कि प्रदेश में नरवा, गरवा, घुरवा और गोबर ज्यादा हो गया है। किसान को पहले देना प्राथमिकता है। कर्मचारी प्राथमिकता में अभी पीछे हैं। कर्मचारियों का नियमितीकरण करना और बाकी खर्चा यह सरकार के पास कहां से आएगा? स्वास्थ्य विभाग के हड़ताली कर्मचारी शनिवार को टीएस सिंहदेव से मिलने उनके निवास पहुंचे थे। कर्मचारियों के साथ उनकी चर्चा के दौरान यह वीडियाे बनाया गया। वीडियों वायरल होने के बाद सियासत गर्मा गई है। भाजपा ने इसे सोशल मीडिया में ट्रोल कर रही है।
टीएस बोले-शब्दों के चयन में त्रुटि
मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट कर इस मामले में कहा, शब्दों के चयन में मुझसे बड़ी त्रुटि हुई है, जिसपर मैं खेद व्यक्त करता हूं। मगर छग सरकार को और अधिक खर्च करने में केंद्र सरकार का आर्थिक असहयोग बाधा बना हुआ है। आज केंद्र के पास छग की जनता के 20,000 करोड़ से अधिक राशि लंबित है। कृपया प्रदेशवासियों के हक में इसके लिए आप भी सहयोग करें।
सरकार, छत्तीसगढ़ के भविष्य को अंधकार में डुबो चुकी-रमन
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव के बयान का हवाला देते हुए कहा, कांग्रेस सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री खुद कह रहे हैं कि महंगाई भत्ता और गृह भाड़ा भत्ता देने सरकार के पास पैसे देने की औकात नहीं है। मुख्यमंत्री को उनके ही मंत्री ने उनकी सरकार की औकात बता दी है। उन्होंने कहा, सरकार के कुप्रबंधन ने छत्तीसगढ़ को कर्ज में डुबोकर दिवालिया कर दिया है। न वेतन देने के लिए पैसे हैं, न ही घोषणा पत्र के वादे पूरे करने के लिए पैसे हैं।

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