रायपुर। आईपीएस गोवर्धन राम ठाकुर की आखिरकार बालोद एसपी के पद से छुट्टी हो गयी। हालांकि इस कार्रवाई की पटकथा उसी दिन लिखी जा चुकी थी, जिस दिन दौड़ा-दौड़ाकर व्यापारियों को क्रांति सेना के युवाओं ने पीटा था। मारपीट का वीडियो वायरल होते ही प्रदेश ही नहीं प्रदेश के बाहर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आयी थी। बताया जा रहा था कि खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी इस घटनाक्रम से काफी नाराज थे। वीडियो में जिस तरह पुलिस की निष्क्रियता दिख रही थी, उसके बाद माना जा रहा है कि घटना के दिन या उसके अगले दिन ही राज्य सरकार कार्रवाई ना कर दे।
इधर, इस घटना के बाद जैन समाज के लोगों ने भी तीखा विरोध जताया था। उनका विरोध वक्त के साथ काफी तेज हो रहा था, ऐसे में आज राज्य सरकार ने बालोद एसपी की रवानगी का आदेश जारी कर दिया। बालोद के एसपी रहे गोवर्धन राम ठाकुर को एआईजी पुलिस मुख्यालय बनाया गया है, वहीं आईपीएस जितेंद्र कुमार यादव को बालोद का नया एसपी बनाया गया है। जितेंद्र कुमार यादव छत्तीसगढ़िया हैं और जशपुर के रहने वाले हैं।
ये था पूरा मामला
25 मई को पाटेश्वर धाम विवाद व तुएगोंदी पथराव मामले को लेकर बालोद जिला बंद का आह्वान विभिन्न संगठनों ने किया था। इसी दौरान गुंडरदेही में दोपहर 12.30 से 2 बजे तक 4 जिले से पहुंचे क्रांति सेना के युवाओं ने दुकान बंद न करने का हवाला देकर दौड़ा-दौड़ाकर व्यापारियों व आम लोगों की पिटाई कर दी। जिससे 12 लोगों को चोटें आई थी। व्यापारियों के अनुसार एक जिप्सी में 8 लोग सवार होकर राजधानी के खमतराई थाना क्षेत्र से पहुंचे थे। मेटाडोर में और स्कार्पियो बोलेरो में कार्यकर्ता हाथ में डंडा लाठी लेकर दुकान में घुसकर मारपीट की थी। घटना के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने चक्काजाम की स्थिति बन गई थी। गुंडरदेही से चार व्यापारी को शंकराचार्य दुर्ग भिलाई रेफर किया गया था।