राज्यसभा चुनाव : शुक्ला और रंजन का राज्यसभा जाना तय

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रायपुर। राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के उम्मीदवार राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन ने नामांकन दाखिल किया। दोनों ने तीन सेट में नामांकन दाखिल किया। विधानसभा में कांग्रेस के भारी बहुमत के दम पर दोनों उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है। इधर, जोगी कांग्रेस ने राजनीतिक कार्ड खेला और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरिदास भारद्वाज को मैदान में उतार दिया। समर्थक-प्रस्तावक की संख्या पूरी नहीं होने के कारण उनका नामांकन खारिज होने की संभावना है। बुधवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएंगी। 3 जून को नाम वापसी के बाद निर्वाचन की घोषणा की जाएगी।
मंगलवार की सुबह कांग्रेस के दोनों राज्यसभा प्रत्याशी ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री निवास में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में दोनों उम्मीदवारों का विधायकों ने परिचय कराया गया। यहीं नामांकन के प्रस्तावक और समर्थकों ने हस्ताक्षर लिए गए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, मंत्रियों-विधायकों के साथ दोनों प्रत्याशियों को लेकर विधानसभा पहुंचे। यहां राज्यसभा के दोनों पदों के लिए नियुक्त निर्वाचन अधिकारी दिनेश शर्मा के समक्ष में अपने नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किये। आखिरी समय में जनता कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार उतार दिया।
जोगी कांग्रेस से भारद्वाज ने भरा नामांकन
विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या और विपक्षी विधायकों की संख्या के आधार पर यह माना जा रहा था कि विपक्ष की तरफ से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा जाएगा। मगर आखिर वक्त में छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। उनकी तरफ से पूर्व कैबिनेट मंत्री हरिदास भारद्वाज को उतारा गया है। उनके साथ विधायक धर्मजीत सिंह, विधायक प्रमोद शर्मा, पूर्व विधायक अमित जोगी, विधायक रेणु जोगी पहुंची थी।
राज्यसभा में देश का प्रतिनिधित्व होता है -मुख्यमंत्री
नामांकन के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, राज्यसभा अपर हाउस है। वहां देश के अंदर व बाहर दोनों की समस्याओं पर बात होती है। हमारे यहां से भेजे जा रहे दोनों प्रत्याशियों को हाउस का लंबा अनुभव है, लिहाजा वे वहां अपनी बात रखेंगे। स्थानीय नेताओं को प्रत्याशी नहीं बनाए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, राज्यसभा में ऐसा होता है और भाजपा सहित सभी पार्टियां दूसरे प्रदेश से प्रतिनिधि भेजती हैं। अभी भाजपा ने भी यूपी से सातवें प्रत्याशी के रूप में आंध्र-तेलंगाना के नेता का नामांकन दाखिल कराया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मध्यप्रदेश से राज्यसभा जाती रहीं।
अगली बार छत्तीसगढ़िया को भेजेंगे-भूपेश
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, हमारी राष्ट्रीय पार्टी है। अलग-अलग राज्यों से राजसभा में लोग जाते हैं। यह बात सही है कि छत्तीसगढ़ से भी राज्यसभा के लिए कैंडिडेट जाने को लेकर लोग उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन इस समय छत्तीसगढ़ से कोई प्रत्याशी नहीं गया। अगली बार जरूर छत्तीसगढ़ से प्रत्याशी को भेजेंगे।
छत्तीसगढ़ को केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास-शुक्ला
नामांकन दाखिले के बाद राजीव शुक्ला ने कहा, छत्तीसगढ़ अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण राज्य है। यहां पर विकास की असीम संभावना है। यहां के लोग बहुत मेहनती और बुद्धिमान हैं। मेरा काम होगा छत्तीसगढ़ की जो समस्याएं है उन्हें सदन में उठाना है। केंद्र सरकार से बात करके समस्याओं का हल निकालना है। छत्तीसगढ़ में बहुत बड़ी जीत के साथ कांग्रेस सरकार बनी है। यहां जो नक्सलवाद की समस्या है उसे काफी हद तक सरकार ने समाप्त किया है। अब नक्सल क्षेत्रो में विकास की जरूरत है। केंद्र सरकार नक्सल खात्मे के लिए जो राशि देती थी, उसे उन क्षेत्रों के विकास के लिए दें। छत्तीसगढ़ को केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक मदद मिलनी चाहिए इसके लिए काम करूंगा। यहां खेल और खिलाड़ियों में टैलेंट है उन्हें आगे बढ़ाना है। छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को मौका नहीं मिलने पर कहा, हर बार कुछ को मिलता है कुछ को नहीं मिलता। मुझे भी 2018 और 2020 में दो बार मौका नहीं मिला। ये पार्टी का अनुशासन होता है, जिसमे में सबको रहना होता है। पार्टी सभी को कुछ न कुछ जिम्मेदारी देती है।
छत्तीसगढ़ के साथ बिहार और झारखंड की मजबूत करेंगे-रंजन
रंजीत रंजन ने कहा, मुझे राज्यसभा सीट के लिए नॉमिनेट किया गया, ये एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। पार्टी ने मुझ पर बहुत बड़ा विश्वास किया है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत राज्यसभा में हम सब मिलकर महंगाई, रोजगार, महिलाओं और युवाओं के मुद्दे को उठा सकते है। आज केंद्र की मोदी सरकार ने सभी एजेंसियों को खरीद और डरा धमका कर रखा है। ऐसे में सदन ही एक रास्ता है जहां हम बोल सकते है। मेरी पहली प्राथमिकता जटिल समस्याओं को हल करना है। छत्तीसगढ़ के साथ बिहार और झारखंड को भी मजबूत करना है। कपिल सिब्बल के सपा में जाने पर कहा, जो लोग पार्टी की आइडियोलॉजी के साथ चलते है, वो पार्टी के साथ बुरे और अच्छे वक्त में रहते हैं। जो लोग जीतने और सत्ता के लिए है उन्हें दल बदलना पड़ता है।
बाहरी प्रत्याशी थोपना, छत्तीसगढ़वासियों का अपमान-भारद्वाज
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के राज्यसभा प्रत्याशी डॉ हरिदास भारद्वाज ने कहा, मैं हार-जीत या किसी राजनीति के लिए नहीं बल्कि, मैं छत्तीसगढ़ के मानसम्मान को बचाने के लिए अपना नामांकन दाखिल कर रहा हूं। हमारी लड़ाई उस दिल्ली दरबारी सोच के विरुद्ध है। जो सोचते हैं कि, छत्तीसगढ़ और भोले छत्तीसगढ़वासियों के साथ कितना भी अन्याय कर लो, वो मुंह नहीं खोलेंगे और सिर झुका कर चुपचाप हर बात मानेंगे। बाहरी प्रत्याशियों को थोपना, छत्तीसगढ़वासियों की योग्यता का अपमान है और इसे चुपचाप स्वीकारना मेरे जमीर को गंवारा नहीं है। मैंने अजीत जोगी के आदर्शों से सीखा है, जीवन में कुर्सी से बड़ी खुद्दारी है और अपनी माटी के प्रति वफादारी है। जहां तक संख्या बल की बात है, कांग्रेस के पास तो केवल 71 कठपुतली विधायक हैं, मेरे साथ तीन करोड़ छत्तीसगढ़वासी और बाबा गुरुघासीदासजी का आशीर्वाद है।

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