कलेक्टरों को नगर निगम, पालिका और पंचायतों में संपत्तियों के अंतरण का अधिकार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अचल संपत्तियों के अंतरण का अधिकार जिला कलेक्टरों को दे दिया है। सरकार द्वारा राजपत्र में इस संबंध में अधिसूचना का प्रकाशन भी कर दिया है।
राज्य शासन द्वारा नगर निगमों में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम और छत्तीसगढ़ नगर के पालिक निगम नियम, के अधीन शासन में निहित शक्तियों में से 10 करोड़ रुपये तक की संपत्ति अंतरण की सभी कार्रवाई का अधिकार कलेक्टर को दे दिया गया है। इसी तरह से छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 और छत्तीसगढ़ नगर पालिका नियम के अधीन शासन में निहित शक्तियों में से नगर पालिका परिषद् के मामलों में चार करोड़ रुपये और नगर पंचायत के मामले में डेढ़ करोड़ रुपये तक की संपत्ति के अंतरण की सारी कार्रवाई का अधिकार जिला कलेक्टर को दे दिया गया है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों, नगर निगमों के आयुक्त और नगर पालिकाओं समेत नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
नियमानुसार अंतरण की कार्रवाई
राज्य शासन ने परिपत्र जारी कर नगर निगमों में सम्पत्तियों के अंतरण के लिए छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम और इसके संदर्भ में बनाए गए छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम (अचल संपत्ति का अंतरण) नियम और नगर पालिकाओं के साथ नगर पंचायतों में छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों का अवलोकन कर प्रत्यायोजित अधिकारों की सीमा तक नियमानुसार अंतरण की कार्रवाई करने को कहा है।
नोडल अधिकारी की नियुक्ति
राज्य शासन ने नगरीय निकायों के संपत्तियों के अंतरण की कार्रवाई संपादित करने के लिए जिला कार्यालय में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश दिए हैं। ताकि नस्तियों के परीक्षण के बाद अनुमोदन के लिए कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। शासन द्वारा हर महीने के आखिरी में सम्पत्ति अंतरण के लिए प्राप्त प्रस्तावों के निराकरण और लंबित प्रस्तावों के संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त संचालक के क्षेत्रीय कार्यालय को नोडल अधिकारी के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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