रायपुर : छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस संगठन के माध्यम से कई लोगों ने अपने नाम भी भेजना शुरू कर दिया है। अब तक इस मामले में कोई नाम तय नहीं हो पाया है। कांग्रेस आलाकमान राजनीतिक और जातीय समीकरण के आधार पर राज्यसभा भेजने, नाम का इस माह के अंत तक ऐलान करेगा। राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार 24 मई को अधिसुूचना जारी होने के साथ ही नामांकन शुरू हो जाएगा। छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी विधायकों की संख्या बल के आधार पर दोनों सीटें कांग्रेस को मिलना लगभग तय है।
कांग्रेस सूत्रों का मानना है कि छत्तीसगढ़ से राज्यसभा चुनाव में एक राष्ट्रीय और एक स्थानीय नेता को मौका मिलने की पूरी संभावना है।
राज्यसभा के लिए अभी दावेदारी के संबंध में कोई नाम सामने नहीं आया है। चिंतन शिविर में कांग्रेस द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यकों को पद देने के फार्मूले के आधार पर नाम तय करने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि नाम तय करने के पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों से चर्चा के बाद नामों पर निर्णय लिया जाएगा। बताया जाता है कि दो पद के लिए एक राष्ट्रीय और एक स्थानीय कांग्रेस नेता को भेजने का फार्मूला तय हो सकता है। ऐसे में कई स्थानीय नेता भी दावेदारी कर रहे हैं। बताया जाता है कि कांग्रेस नामांकन के दो दिन पहले ही अपने प्रत्याशी का ऐलान करेगी।
एक दर्जन नामों की चर्चा
प्रदेश में हर वर्ग के लोगों ने अपने-अपने तरीके से राज्यसभा में जाने के लिए जोर-आजमाईश शुरू कर दी है। इनमें आदिवासी वर्ग से शंकर सोढ़ी, अनुसूचित जाति वर्ग से पीआर खुंटे, शकुन डहरिया के नाम शामिल हैं। राज्यसभा के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग से सबसे अधिक जो नाम चर्चा में हैं, उनमें डॉ. चरणदास महंत, विनोद वर्मा, किरणमयी नायक, गिरीश देवांगन, सतीशचंद्र वर्मा और लेखराम साहू के नाम शामिल हैं। वहीं सामान्य वर्ग से राजेंद्र तिवारी और शैलेश नितिन त्रिवेदी का नाम चर्चा में है।
इन राष्ट्रीय नेताओं के नाम की चर्चा
छत्तीसगढ़ से एक नाम हाईकमान द्वारा तय किए जाने की भी चर्चा है। इनमें जिन नामों की चर्चा है, उनमें मुकुल वासनिक, रणदीप सिंह सुरजेवाला, विवेक तन्खा के नाम शामिल होने की बात कही जा रही है।