राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस को मिल सकती हैं दोनों सीटें, राष्ट्रीय और स्थानीय नेता पर लगाएगी दांव

Uncategorized

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव में कांग्रेस को दोनों सीटें मिलने की पूरी संभावना है। कांग्रेस आलाकमान इस पर उम्मीदवारी के लिए नाम तय करेगा। राज्यसभा से कांग्रेस के कई राष्ट्रीय नेताओं का कार्यकाल खत्म होने के बाद कांग्रेस नेतृत्व द्वारा आने वाले चुनाव को देखते हुए उम्मीदवार तय करने की बात कही जा रही है। 2023 में विधानसभा और 2024 में लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर इसके संबंध में निर्णय लिया जाएगा। कांग्रेस सूत्रों का मानना है कि छत्तीसगढ़ से राज्यसभा चुनाव में एक राष्ट्रीय और एक स्थानीय नेता को मौका मिलने की पूरी संभावना है।
राज्यसभा के लिए अभी दावेदारी के संबंध में कोई नाम सामने नहीं आया है, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत के इच्छा जताए जाने से सियासत गर्म है। यह भी अटकलें लगाई जा रही है कि टीएस सिंहदेव काे राज्यसभा में राज्य से मौका दिया जा सकता है। चुनाव कार्यक्रम के ऐलान के बाद अब कांग्रेस आलाकमान इस पर विचार कर नाम तय करने में जुटेगी। चिंतन शिविर के बाद नाम तय करने से पहले प्रदेश नेतृत्व से भी चर्चा की जाएगी। इसके बाद नामों पर निर्णय लिया जाएगा।
ऐसा होगा चुनाव कार्यक्रम
भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की छत्तीसगढ़ की भी दो सीटों पर चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। छत्तीसगढ़ से भाजपा के रामविचार नेताम और कांग्रेस की छाया वर्मा का कार्यकाल पूरा होने की वजह से सीटें खाली हो रही हैं। दोनों सांसदों का कार्यकाल 29 जून को समाप्त हो जाएगा। राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना 24 मई को जारी होने के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू होगी। 31 मई तक नामांकन दाखिल किया जा सकेगा। एक जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और तीन जून तक उम्मीदवार को नामांकन पत्र वापस लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ी तो 10 जून को राज्यसभा के लिए मतदान कराया जाएगा।
कौन करेगा मतदान
राज्यसभा के लिए राज्यों के चुने हुए विधायक मतदान करते हैं। प्रत्येक राज्य के सांसदों की संख्या उसके जनसंख्या के अनुपात में तय होती है। ढाई करोड़ की जनसंख्या वाले छत्तीसगढ़ के राज्यसभा प्रतिनिधियों की संख्या केवल 5 है।
भाजपा काे नहीं मिलेगा मौका
90 विधायकों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में अकेले कांग्रेस के 71 विधायक हैं। भाजपा के पास 14, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के तीन और बहुजन समाज पार्टी के पास दो विधायक हैं। ऐसे में सभी विपक्षी विधायकों को जोड़कर भी भाजपा 31 वोटों का जुगाड़ नहीं कर पाएगी। कहा जा रहा है कि भाजपा एक सीट पर प्रतीकात्मक उम्मीदवार खड़ा कर सकती है।
एक सीट जीतने 31 वोट चाहिए
राज्यसभा चुनाव के एकल संक्रमणीय चुनाव फार्मूले के हिसाब से राज्यसभा में रिक्त सीटों की संख्या में एक जोड़कर विधायकों की संख्या का विभाजन किया जाता है। इसके नतीजों में फिर एक जोड़कर न्यूनतम वोटरों की संख्या तय की जाती है। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होने हैं। दो में एक जोड़ने पर अंक तीन होता है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं। अब 90 को 3 से भाग देने पर 30 आाएगा। इस 30 में एक जोड़ने पर संख्या 31 होगी। किसी प्रत्याशी को जीत के लिए कम से कम 31 विधायकों के समर्थन की जरुरत होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *