सिंहदेव बोले- भूपेश कप्तान, हम खिलाड़ी, सब मिलकर दौरा कर रहे हैं

Chhattisgarh

रायपुर :  कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आपत्तिजनक ट्वीट करने वालों के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट करने मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर कोर्ट भी जाएंगे। उन्होंने कहा, दूसरे दल के नेता क्या करते हैं, कहां बैठते हैं इसके बारे में हम लोग भी जानते हैं कि कौन क्या करता और कौन कहां बैठता है। उन्होंने भाजपा के ट्वीट पर कहा, उत्तर दक्षिण जाकर हम मिल रहे है। भूपेश बघेल कप्तान है, हम खिलाड़ी हैं। कोई लड़ाई नहीं है। सब मिलकर क्षेत्र में दौरा कर रहे है।
स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री टी एस सिंहदेव चार दिवसीय बस्तर संभाग के दौरे से लौटने के बाद संवाददाताओं से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा, पंचायत और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। जिलों में इसे लेकर नियमित बैठक नहीं हो रही, इसे करने के निर्देश दिए गए। दौरे के दौरान मंत्री ने पाया कि ग्राम सभा की कमी देखी है। ग्राम सभा में हर महीने होने वाली बैठक पर काम नहीं हो रहा है। अधिकारियों को ग्राम सभा बैठक हर महीने करने के निर्देश दिए गए हैं। बस्तर दौरे के दौरान कलेक्टर और एसपी के उपस्थित होने के सवाल पर उन्होंने कहा, अधिकारियों में शिष्टाचार तो होनी चाहिए। यदि मंत्री उनके क्षेत्र में जाए तो अधिकारियों को शामिल होना चाहिए। व्यवहार और आचरण बनता है, तो उन्हें मिलना चाहिए। मैं इसकी शिकायत नहीं करूंगा, क्योंकि इज्जत देना आप नहीं सीखा सकते।
पेसा कानून पर फोकस
उन्होंने कहा, अगला फोकस पेसा कानून पर होगा। गैर अनुसूचित समाज के लिए अनुपातिक समाज के लिए प्रतिनिधि आयेंगे, उनकी समिति अनुपातिक लाभ मिलेगी। पेसा नियमों को लेकर लोग भ्रम फैला रहे है। ग्राम सभा मजबूत नहीं है, ग्राम सभा का अधिकार पेसा कानून में है।
ग्रामीण नहीं देना चाहते जमीन
कोयला खदानों के आबंटन को लेकर ग्रामीणों के विरोध पर मंत्री ने कहा, मेरे विधानसभा के लोग स्वयं जमीन नहीं देना चाहते। वे कहते है की दोबारा ग्राम सभा का आयोजन किया जाए। दोबारा ग्राम सभा करना चाहिए। गांव के बाहर के लोगों को गांव का आदमी बताकर प्रस्ताव कही-कही पेश किया गया है।
सरकार के समक्ष रखेंगे मनरेगा कर्मियों की मांगे
मनरेगा कर्मियों से मुलाकात पर पर कहा, मनरेगा कर्मियों से मिलना मेरे लिए संयोग था। उनको अनदेखा कर मेरा वहां से निकलना अच्छा नहीं लगता। उनकी मांगों को सरकार के समक्ष रखूंगा। पारिश्रमिक हम बढ़ा सकते है, लेकिन नियमितीकरण थोड़ा मुश्किल होगा।

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