प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री भावेश बघेल के ऊपर जानलेवा हमला

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रायपुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओबीसी) के महामंत्री भावेश बघेल के ऊपर सिलयारी रेलवे फाटक से कुछ दूरी पर अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी रोक कर जानलेवा हमला किया जिसमें भावेश बघेल एवं उनके साथी वैभव शुक्ला बाल बाल बचे ।
घटना का संज्ञान लेते हुए सिलयारी चौकी में लिखित शिकायत के पश्चात एफ़आईआर दर्ज की गयी हैं ।
एफ़आईआर के अनुसार घटनाक्रम इस प्रकार हैं :
भावेश बघेल और वैभव शुक्ला सिलयारी-सारागाँव मार्ग से रायपुर की ओर जा रहे थे । सिलयारी फाटक पार करते ही कुछ दूरी पर दो मोटरसाइकल से रोड को बाधित कर 5-6 व्यक्ति खड़े हुए थे । गाड़ी पार करने की जगह नहीं होने के कारण वैभव शुक्ला ने गाड़ी को रोका । गाड़ी रुकते ही हमलावरों ने गाड़ी के ऊपर रॉड-डंडो से हमला करना शुरू कर दिया जिससे गाड़ी का सामने का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया । उसके बाद हमलावरों ने काँच की बोतल में आग लगाकर गाड़ी की ओर फ़ेका जिससे विस्फोट के साथ आग लग गयी । गाड़ी में आग लगने की आशंका से भावेश बघेल एवं वैभव शुक्ला गाड़ी से बाहर निकले । बाहर निकलने पर कुछ हमलावरों ने भावेश बघेल को पकड़ने की कोशिश की । हमलावरों में से एक के पास बंदूक़ अथवा कट्टे जैसा हथियार था जिसे लहराते हुए उस व्यक्ति ने धमकी देते हुए कहा कि तुम लोगों को नेतागीरी करने का बहुत शौक़ हैं, बहुत विरोध करने का शौक़ हैं, सुधर जाओ वरना जान से जाओगे । भावेश बघेल के ऊपर हमलावर ने रॉड से हमले करने की कोशिश की पर तभी वैभव शुक्ला ने भावेश बघेल को हाथ पकड़ कर खिंच लिया जिससे रॉड का वार भावेश बघेल को नहीं लग पाया । जान का ख़तरा जान कर भावेश बघेल और वैभव शुक्ला भाग कर वापस रेलवे फाटक पार करके सिलयारी पुलिस चौकी पहुँचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी । पुलिस बल द्वारा घटनास्थल के निरीक्षण के पश्चात पेट्रोल बम के उपयोग की पुष्टि हुई ।
कुछ प्लांट मालिकों की भूमिका संदिग्ध :
एफ़आईआर के अध्ययन एवं पीड़ितों के वक्तव्य के बाद यह सवाल उठता हैं की क्या आस पास के प्लांट मालिकों की कोई भूमिका इस हमले में हो सकती हैं । भावेश बघेल निरंतर मढ़ी में प्रस्तावित गौरी गणेश इस्पात संयंत्र और किरना में स्थित शौर्य इस्पात के द्वारा नियमविरुद्ध प्लांट लगाने और चलाने के ख़िलाफ़ अभियान चला रहे हैं । ग्रामीणों और किसानों के आग्रह पर भावेश बघेल ने 10 सरपंचों के अधिकारिक पत्र एवं क़रीब 8000 क्षेत्रवासियों के हस्ताक्षर युक्त विरोध पत्र के साथ कलेक्टर, रायपुर से मढ़ी में प्रस्तावित गौरी गणेश इस्पात संयंत्र की अनुमति रद्द करने की माँग की थी । साथ ही उन्होंने नगर पुलिस अधीक्षक, उरला को पत्र लिख कर प्लांट प्रबंधन द्वारा धनबल का उपयोग कर जनसुनवाई जैसी वैधानिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही करने का आग्रह किया था । भावेश बघेल ने यह भी बताया की विगत 10-15 दिन से प्लांट मालिकों द्वारा विभिन्न तरीक़ों से उन पर विरोध खतम करने का दबाव बनाया जा रहा हैं एवं उन्हें धमकी भरे कॉल किए जा रहे हैं । भावेश बघेल ने इस मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की हैं ।
सवाल यह भी हैं :
हमलावरों ने विरोध को ले कर धमकी क्यूँ दी ?
गाड़ी में भागते वक़्त छूटे हुए मोबाइल एवं अन्य सामान को हमलावर क्यू नहीं ले गए ?
क्या हमलावरों का उद्देश्य बंदूक़ और बम के बल पर भावेश और वैभव को डराना भर था और लूट करना नहीं ?
इस पूरे कांड के पीछे क्षेत्र के कुछ प्लांट मालिकों की क्या भूमिका हो सकती हैं ?

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