97.75 लाख मीट्रिक टन की खरीदी, 21.74 लाख किसानों ने बेचा धान

Chhattisgarh

रायपुर : चालू खरीफ वर्ष के लिए समर्थन मूल्य में चल रही धान खरीदी काे अब एक दिन शेष रह गया है। सोमवार 7 फरवरी को धान खरीदी का अंतिम दिन है। राज्य सरकार शुक्रवार तक 97.75 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी पूरी कर चुकी थी। लक्ष्य पूरा करने अब अंतिम दिन 7.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी करनी होगी। अब तक 21.74 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान बेचने के लिए अब भी सवा दो लाख किसान बाकी हैं। बताया जाता है कि अंतिम दिन अधिकतम ढाई लाख टन की खरीदी के बाद धान की खरीदी बंद हो जाएगी। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने पहले ही संकेत दिया है कि धान खरीदी का समय अब और आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा तय किया गया लक्ष्य पूरा होने की संभावना कम ही है।

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने धान की खरीदी 1 दिसंबर से शुरू की गई थी। धान खरीदी की शुरुआत में किसानों से एक-एक दिन में तीन लाख टन तक धान की खरीदी की गई। पहले दो सप्ताह के दौरान धान खरीदी में अच्छी आवक हुई। दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में बारिश और ओले गिरने की वजह से धान खरीदी में व्यवधान उत्पन्न होने के बाद खरीदी की गति धीमी हो गई। जनवरी माह के पहले सप्ताह में भी दो दिन कुछ जिलों में बारिश की वजह से धान खरीदी प्रभावित हुई। मार्कफेड के अधिकारियों ने बताया कि बारिश के चलते समितियों में पूरी व्यवस्था न होने और धान का उठाव नहीं होने की वजह से खरीदी में करीब 15 दिन का व्यवधान पड़ा। बाद में जनवरी के दूसरे सप्ताह में खरीदी शुरू होने पर धान की आवक कम हो गई। आवक कम होने से लक्ष्य पूर्ति पर असर पड़ा है। राज्य सरकार ने इसे देखते हुए 31 जनवरी को समाप्त होने वाली धान खरीदी की तारीख को एक सप्ताह बढ़ाकर 7 फरवरी कर दिया था।

36 लाख टन का उठाव नहीं

समितियों में धान खरीदी के साथ खाद्य विभाग ने धान का उठाव शुरू कर दिया था। जो बारिश के बाद धीमा हो गया। मार्कफेड के अनुसार अब तक समितियों से 61.58 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। समितियों में अभी 36.17 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव बाकी है। खाद्य विभाग ने मार्कफेड के अधिकारियों को सभी समितियों का भौतिक सत्यापन कर 28 फरवरी तक धान का उठाव पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं।

रिकार्डतोड़ धान खरीदी : भगत

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख और आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। समर्थन मूल्य पर हम रिकॉर्डतोड़ धान की खरीदी कर रहे हैं और अब धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *