केस दर्ज होने के बाद भूपेश की चुनौती, चुनाव आयोग बताएं कैसे करें प्रचार

Chhattisgarh

रायपुर। उत्तरप्रदेश में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर चुनाव आचार संहिता और महामारी कानून के उल्लंघन पर हुई एफआईआर किए जाने के बाद उन्होंने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, निर्वाचन आयोग को अपनी भूमिका निष्पक्ष रखनी चाहिए। यहां मुझ पर एफआईआर कर दी, लेकिन अमरोहा में ऐसे ही प्रचार में लगे भाजपा के मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
मुख्यमंत्री ने कहा, वहां प्रचार के लिए मेरे साथ प्रत्याशी, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सहित कुल चार लोग ही थे। उसके अलावा मेरी अपनी सुरक्षा का घेरा, उत्तर प्रदेश का पुलिस महकमा और फिर मीडिया के दर्जनों साथी। उस पर गांव की तंग गलियां और लोगों का कांग्रेस के प्रति उत्साह। इतने पर ही भीड़ दिखने लगी। आखिर बिना मिले चुनाव प्रचार कैसे हाेगा। अगर ऐसा है तो चुनाव आयोग को गली में आकर बताना चाहिए कि इस प्रकार से होगा प्रचार। वे करके बता दें फिर हम लोग वैसे ही करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, यदि मुझ पर कार्रवाई की गई तो अमरोहा में क्यों नहीं किया गया, भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ। भाजपा के मंत्री पांच दिन से डोर-टू-डोर प्रचार कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। राजनाथ के बेटे के खिलाफ प्रचार करें तो इतना तो होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, एफआईआर मुझ पर ही क्यों। लोग आ रहे हैं, मिल रहे हैं तो कैसे करेंगे। उन्होंने कहा, निर्वाचन आयोग को अपनी भूमिका निष्पक्ष रखनी चाहिए। शुरुआत में ही निष्पक्षता नहीं दिखाई दे रही है तो आखिरी में क्या उम्मीद करें।
दादरी और जेवर विधानसभा में किया प्रचार
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को भी प्रचार यूपी के दिल्ली से लगे क्षेत्रों में दो विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया। वे गौतम बुद्ध नगर जिले की दादरी और जेवर विधानसभा में बिसरख, दुजाना, देउता और गोपालगढ़ में डोर-टू-डोर प्रचार के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के साथ निकले । उनके साथ स्थानीय कांग्रेस उम्मीदवार और पदाधिकारी भी थे।

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