लेमरू एलिफेंट कॉरिडोर में आ रहा परसा कोल ब्लॉक का हिस्सा, जिसके कारण मंजूरी में दिक्कत

Chhattisgarh

रायपुर।छत्तीसगढ़ में राजस्थान पॉवर कंपनी को आबंटित कोल ब्लॉक में खनन की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर छत्तीसगढ़ और राजस्थान सरकार आमने सामने है। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने मामले में अपने अफसरों को छत्तीसगढ़ सरकार से इस संबंध में बातचीत के लिए भेजे जाने के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिख दी है। दूसरी ओर अब इस मामले ने सियासी रंग ले लिया है। परसा कोल ब्लॉक को लेकर भाजपा ने जहां सीएम से जवाब मांगा है। भाजपा के प्रदेश मंत्री और पूर्व आईएएस ओपी चौधरी ने मामले में सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। वहीं सरकार के प्रवक्ता और कृषिमंत्री रविंद्र चौबे ने सरकार का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि लेमरू एलिफेंट कॉरिडोर का हिस्सा भी परसा कोल ब्लॉक में आ रहा है। इसलिए मंजूरी देने में दिक्कत हो रही है। राजस्थान के सीएम की चिट्ठी को शिकायत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। सीएम इस समय दिल्ली में हैं, वे कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात कर सकते हैं। जैसा हाईकमान का निर्देश मिलेगा, वैसे कार्य किया जाएगा।

हमने कैबिनेट में लिया है निर्णय

पत्रकारों से चर्चा में मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा, राज्य सरकार ने लेमरू प्रोजेक्ट का एरिया कम नहीं करने का निर्णय कैबिनेट में लिया है। लेमरू क्षेत्र का अधिकांश एरिया परसा कोल ब्लॉक में आ रहा है। मुख्यमंत्री इस संबंध में अपनी बात से कांग्रेस अध्यक्ष को अवगत कराएंगे। मामले में वहां से जो निर्देश होगा उसके आधार पर कार्य किया जाएगा। नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की जीत को लेकर मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा है कि पिछली बार भी कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में सारे चुनाव जीते हैं। जनता ने कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आस्था व्यक्त किया हैं। इस बार भी माहौल और रुझान के हिसाब से सभी परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आएगा और कांग्रेस की बंपर जीत होगी। मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर उन्होंने कहा कि इस संबंध में सीएम ने संकेत दिए हैं। मंत्रिमंडल में फेरबदल उनका अधिकार है।

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