छतीसगढ़ की कांग्रेस सरकार देश की इकलौती सरकार जो अपने राज्य के लोगो का नुकसान करती है : भाजपा

Chhattisgarh

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा आवास योजना के लिए राज्यांश नहीं देने के मुद्दे पर हो रहे विरोध के मद्देनज़र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का यह कहना कि योजना जब प्रधानमंत्री के नाम पर है तो पूरा पैसा केंद्र सरकार दे, राजनीतिक ओछेपन का द्योतक है। साय ने कहा कि इन दिनों मुख्यमंत्री जिस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे साफ़ प्रतीत हो रहा है कि उन्हें दिल्ली दरबार ने मुख्यमंत्री पद से चलाचली की बेला का इशारा कर दिया है और इसी बौखलाहट में मुख्यमंत्री पद की गरिमा तक को दाँव पर लगाकर मानसिक दीवालिएपन का शर्मनाक प्रदर्शन बघेल कर रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  साय ने कहा कि प्रदेश के लाखों ग़रीबों के अपने आशियाने का सपना मुख्यमंत्री बघेल ने राज्यांश नहीं भरकर महज़ इसलिए चकनाचूर कर दिया क्योंकि इस आवास योजना में ‘प्रधानमंत्री’ का नाम लिखा है। अब राजनीतिक प्रतिशोध में अंधे हो चले मुख्यमंत्री बघेल जन कल्याण को भी तिलांजलि देने में नहीं हिचक रहे हैं, इससे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण और शर्म की बात छत्तीसगढ़ के लिए और क्या हो सकती है?  साय ने कहा कि इस आवास योजना के लिए केंद्र सरकार 60 फ़ीसदी राशि दे रही थी और राज्य सरकार ने 40 फ़ीसदी राशि का अंशदान इसमें कर दिया होता तो प्रदेश के लाखों ग़रीबों को रहने के लिए एक छत तो मिल जाती। लेकिन जनहित इस सरकार का एजेंडा है ही नहीं, मुख्यमंत्री बघेल ने यह साफ़ कर दिया है।  साय ने कहा कि कांग्रेस के ‘ख़ानदान’ की ख़िदमत के इकलौते एजेंडे पर काम कर रहे मुख्यमंत्री बघेल स्वामीभक्ति का भौण्डा प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ का ख़ज़ाना अपनी पैतृक सम्पदा मानकर उत्तरप्रदेश में जाकर राजनीतिक लफ़्फ़ाजियों के लिए लुटा सकते हैं, पर छत्तीसगढ़ के ग़रीबों के घर बनाने के लिए राज्यांश नहीं देते।  साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल के इस ओछे नज़रिए से केंद्र सरकार को भाजपा की प्रदेश इकाई द्वारा अवगत कराया जाएगा कि मुख्यमंत्री बघेल को प्रदेश के लोगों से कोई सरोकार नहीं है और वे सिर्फ़ अपनी राजनीति से मतलब रखते हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल ने अपने बयान से यह साफ़ कर दिया है कि अगर आवास योजना स्व. इंदिरा गांधी या फिर स्व. राजीव गांधी के नाम पर होती तो वे इसके लिए राज्यांश देते। मुख्यमंत्री बघेल अब प्रदेश को यह बताएँ कि छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी न्याय योजना के नाम पर जो राजनीतिक पाखंड प्रदेश सरकार ने रचा है, उसका पैसा क्या कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी निजी तौर पर प्रदेश सरकार को दे रही हैं? श्री साय ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री प्रतिशोध की ओछी राजनीति ही करने पर उतारू हो चले हैं तो फिर उन्हें छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाओं- प्रधानमंत्री सड़क, प्रधानमंत्री आवास, आदिवासी परियोजना, उप-परियोजना, स्मार्ट सिटी, समग्र शिक्षा, रूसा, जल जीवन मिशन, मनरेगा आदि भी केंद्र सरकार से नहीं लेनी चाहिए।  साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल यह न भूलें कि बिना केंद्र सरकार की मदद के देश का कोई प्रदेश विकास और जन कल्याण की योजनाएँ भलीभाँति संचालित नहीं कर सकता। प्रदेश सरकार के मुखिया होने के नाते मुख्यमंत्री बघेल को इतनी राजनीतिक समझ और मानसिक संतुलन का परिचय देना ही चाहिए। साय ने कहा कि कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं को भी मुख्यमंत्री बघेल से उनके इस बयान पर ज़वाब-तलब करना चाहिए, अन्यथा छत्तीसगढ़ यह मानेगा कि समूची कांग्रेस मुख्यमंत्री बघेल की राय के पक्ष में खड़ी है और प्रदेश की जनता अगले चुनावों में कांग्रेस को इसका माक़ूल ज़वाब ज़रूर देगी।

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