रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी संदीप शर्मा ने कहा है कि नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की मांग को लेकर धान ख़रीदी से ऐन पहले प्रदेशभर में मुखर होता असंतोष प्रदेश सरकार की किसानी और धान ख़रीदी व्यवस्था के सुचारु संचालन को लेकर पर्याप्त समझ की कमी को ज़ाहिर करता है। शुक्रवार को नया धान उपार्जन केंद्र खोलने की मांग को लेकर रायपुर-देवभोग मार्ग पर घंटों हुए चक्काजाम आंदोलन का ज़िक़्र करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन बताता है कि बार-बार लगातार आगाह करने के बावज़ूद प्रदेश सरकार ने न तो बारदानों का पूरा इंतज़ाम किया, और न ही धान उपार्जन केंद्रों की बढ़ी आवश्यकताओं व समस्याओं को दूर करने में रुचि ली।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी शर्मा ने कहा कि यह बेहद हैरत की बात है कि विपक्षी दल भाजपा को अनसुना करने वाली प्रदेश सरकार अब अपने ही दल कांग्रेस के लोगों की बात भी नहीं सुन रही है! शुक्रवार को रायपुर-देवभोग मार्ग पर हुए चक्काजाम आंदोलन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं की भागीदारी प्रदेश सरकार के घोर किसान विरोधी चरित्र का जीता-जागता प्रमाण है। इन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पीड़ इस आंदोलन में मुखर होकर सामने आई कि कांग्रेस सरकार हमारी (कांग्रेस के लोगों की) ही नहीं सुन रही है। 01 दिसम्बर से पहले नया धान उपार्जन केंद्र नहीं खुलने की दशा में सामूहिक तौर पर कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने की कांग्रेस कार्यकर्ताओं की धमकी कांग्रेस की बदनीयती और कुनीतियों को लेकर किसानों में पनप रहे आक्रोश की अभिव्यक्ति है। श्री शर्मा ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है, प्रदेश के अन्नदाता किसानों को दुर्दिनों का सामना करना पड़ रहा है। धान ख़रीदी से बचने के नित-नए हथकंडे अपनाकर, तुग़लक़ी प़रमान निकालकर और षड्यंत्र रचकर किसानों को ख़ून के आँसू रुलाने में प्रदेश सरकार लगी हुई है परंतु प्रदेश सरकार यह बात गाँठ बांधकर रख ले कि जो किसान बुआई करना जानता है, वह लुआई (कटाई) बहुत अच्छी तरह करना भी जानता है।