रायपुर। देश में किसी राजनीतिक दल के नेताओं पर सबसे बड़ा नक्सली हमला छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी में हुआ था, बीते दिनों इस घटना की जांच रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी गई, जिसके बाद राज्य सरकार ने आज गुरुवार को नए जांच आयोग का गठन किया है, जो तीन नए बिंदुओं की भी जांच करेगा छत्तीसगढ़ में झीरम जांच आयोग की रिपोर्ट सबमिट होने के बाद सरकार ने दो सदस्यी नए जांच आयोग का गठन किया है। आयोग जांच के तीन और बिंदुओं पर पर काम करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने आयोग में दो नए सदस्यों को शामिल किया है। दो सदस्यों वाले इस जांच आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सतीश के. अग्निहोत्री और सब सदस्य बने जी. मिन्हाजुद्दीन होंगे।
इस नए जांच आयोग को छह महीने में ही अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। जांच के लिए जांच आयोग विशेषज्ञ और किसी संस्था की भी सहायता ले सकेगा। बता दें कि इस आदेश में पहले जारी जांच के बिंदुओं के अतिरिक्त यह आयोग तीन नए बिंदुओं की भी जांच करेगा। गुरुवार को सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की।
इन तीन बिंदुओं की भी जांच करेगा आयोग
घटना के बाद घायलों को क्या समुचित चिकित्सकीय सुविधा मिली थी?
ऐसी घटनाओं की पुर्नावृत्ति को रोकने के लिए क्या समुचित कदम उठाए गए थे?
अन्य बिंदू आयोग या राज्य शासन के आवश्यकता अनुसार तय किए जाएंगे।
बता दें कि पूर्व में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में गठित आयोग ने 6 नवंबर को ही झीरम कांड की रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी थी। राज्यपाल अनुसुईया उईके को सौंपी गई रिपोर्ट को अधूरी बताते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने बुधवार को राज्य सरकार से झीरम कांड की नए सिरे से जांच के लिए नए आयोग के गठन की मांग की थी। इस पर सीएम भूपेश बघेल ने विचार कर जल्दी फैसला लेने की बात कही थी।