झीरम रिपोर्ट पर कांग्रेस अध्यक्ष की प्रतिक्रिया अनेक शंकाओं को जन्म दे रहा है : साय

Chhattisgarh

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने झीरम कांड की जाँच रिपोर्ट राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उईके को सौंपे जाने पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया पर कहा कि कांग्रेस नेता चाहते ही नहीं कि झीरम मामले का पूरा सच सामने आए।  साय ने कहा कि राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपे जाने पर कांग्रेस नेताओं का रुख़ यह साबित करता है कि न्यायिक संस्थाओं व न्यायिक प्रक्रियाओं का सम्मान करना कांग्रेस के डीएनए में ही नहीं है। कांग्रेस अपनी सत्ता की धौंस में समूची प्रक्रियाओं को अपनी मर्जी से संचालित करने की तानाशाही-मानसिकता से ग्रस्त है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  साय ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की इस सम्बंध में की गयी टिप्पणी को उनकी राजनीतिक नासमझी का परिचायक बताया और पूछा कि आख़िर किस बात से डरी हुई है कांग्रेस? ऐसा क्या राज है जिसे खुल जाने की आशंका है मरकाम को? उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की संवैधानिक व न्यायिक समझ पर संदेह करके कांग्रेस नेता प्रदेश को क्या संदेश देना चाह रहे हैं?

साय ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कभी झीरम मामले की जाँच प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया, वे हर वक़्त किसी न किसी बहाने इस जांच में अड़ंगा लगाते रहे। और अब वे जाँच रिपोर्ट को लेकर रोना-धोना मचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए अपने जेब में झीरम के सबूत होने की बात करने वाले बघेल अब उन सबूतों की चर्चा भी नहीं करना चाहते।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि एक न्यायिक आयोग के प्रमुख ने अपनी जाँच रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपने के अपने अधिकार के तमाम संवैधानिक व न्यायिक पहलुओं पर विचार किया होगा, फिर नासमझी का प्रदर्शन करके कांग्रेस के लोग क्यों अपनी जगहँसाई करा रहे हैं? साय ने सवाल किया कि आख़िरकार कांग्रेस सरकार झीरम मामले में किसे बचाने की जुगत में है? झीरम कांड में शहीद और ज़ख़्मी हुए अपने ही कांग्रेस नेताओं के परिजनों को पूरा और सही न्याय दिलाने की पहल से आख़िर कांग्रेस इतनी विचलित क्यों नज़र आ रही है, यह समझ से परे है।

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