रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कोरबा जिले के हरदी बाजार तरदा मार्ग पर खसरा की भूमि के भूअर्जन पर प्रतिबंध के बावजूद भी सैकड़ो रजिस्ट्री और नामांतरण को प्रदेश सरकार के संरक्षण में खेला गया जमीन का काला खेल करार देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कड़ी कार्यवाही और तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यह कैसे संभव हैं को कलेक्टर प्रतिबंध लगाए और उसके बाद भी रजिस्ट्रियां और नामांतरण होते रहे और प्रदेश सरकार को करोड़ों का नुकशान हो जाये, उन्होंने प्रदेश सरकार से पूछा हैं जमीन का खेल किसके संरक्षण में चल रहा हैं। भाजपा छत्तीसगढ़ पूरे मामले की शिकायत प्रधानमंत्री ऑफिस में भी करेगी ।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रतिबंध के बावजूद भी रजिस्ट्री और नामांतरण चलता रहा प्रदेश सरकार आंख मूंदे बैठी रही जबकि राज्य सरकार को 18 गुना अधिक भार सिर्फ इस लिए पड़ रहा हैं क्योंकि नामांतरण से पूर्व जहां 1.9 करोड़ मुवावजा का आकलन अब रजिस्ट्री और नामान्तरण के बाद 35 करोड़ से अधिक पहुंच गया हैं इससे साफ होता हैं कि प्रदेश सरकार के संरक्षण में अपनो को लाभ पहुंचाने कर्ज के बोझ तले दब चुके केंद्र सरकार के खजाने को 18 गुना अधिक चोट पहुंचाने का खेल प्रतिबंध के बावजूद भी चलता रहा। उन्होंने प्रदेश सरकार से पूछा हैं कि प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्री और नामान्तरण किसके इशारे पर चल रहा हैं? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने सवाल किया कि कांग्रेस के लोगों को लाभ पहुंचाने सरकारी खजाने में डाका तो नहीं डाला जा रहा? उन्होंने पूरे प्रदेश में भू माफिया का राज सरकार के संरक्षण में फलने फूलने का आरोप लगाते हुए कहा कि कोरबा में नामान्तरण और रजिस्ट्री एक उदाहरण मात्र हैं कांग्रेस, सरकार के संरक्षण में छत्तीसगढ़ की भूमि को बेचने लूटने सरकारी खजाने में डाका डालने में लगी हुई है।