छत्तीसगढ़ : जिला जांजगीर चाम्पा21 फरवरी , मालखरौदा जनपद पंचायत मालखरौदा सीईओ नरपत लाल साहू ने बताया कि मालखरौदा में 2015 में क्षेत्र के 75 ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण कार्य पूरे होने पर ब्लॉक को ओडीएफ ब्लॉक घोषित किया गया था। मुख्यमंत्री द्वारा ब्लॉक को 15 /2015 अगस्त को ओडीएफ घोषित किए जाने के बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं जनपद सीईओ ने खूब वाहवाही लूटी थी लेकिन कुछ महीने बाद जब क्षेत्र के झर्रा ग्राम पंचायत की उप सरपंच तथा अन्य ग्रामीणों ने शौचालय बनाए बगैर पूर्ण घोषित कर पैसा आहरण करने के संबंध में 17- एक 18 को जनसमस्या निवारण शिविर परसा में फर्जी आधार पर भुगतान करने के संबंध में शिकायत किया था, तब जनपद सीईओ ने 11 सदस्य जाँच टीम बनाया गया जिनके द्वारा घर-घर जाकर पूरे पंचायत में जाँच किया साथ ही जो जानकारी सामने आई उसके अनुसार ग्राम में कुल 468 शौचालय बनना था जिसमें से सरपंच द्वारा 382 शौचालय का ही निर्माण कराया गया जबकि बाकी शौचालय बिना बनाएं ही राशि आहरण किया गया तथा 7 शौचालय अपूर्ण होने के बाद पैसा का आहरण कर लिया गया कुल मिलाकर सरपंच के खाते में 468 हितग्राहियों का छप्पन लाख ₹16000 भेजा गया था जिसमें से वर्तमान में 29,000 ₹722 होने की जानकारी दिया गया था जबकि 75 ही हितग्राही को डीबीटीएल के माध्यम से राशि का भुगतान किया गया था उन्हें अभी भी 311001 ₹50 का भुगतान किया जाना बाकी है ।कुल मिलाकर ग्राम पंचायत झर्रा के सरपंच से 14 लाख 27 हजार के लगभग वसूल किया जाना है किंतु 6 माह बीत चुका है जांच प्रतिवेदन को जिला पंचायत सीईओ को भेजे गए आज तक उससे वसूली के लिए किसी प्रकार का नोटिस जनपद द्वारा भेजा नहीं गया है ऐसे में सरपंच को क्यों बचाया जा रहा है समझ से परे हैं।