खेल रत्न अवार्ड मेज़र ध्यानचंद के नाम पर किए जाने पर कांग्रेस नेताओं का प्रलाप दुर्भाग्यपूर्ण और ओछेपन की पराकाष्ठा : संजय

Uncategorized

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने भारत सरकार के खेल रत्न अवार्ड का नाम मेज़र ध्यानचंद के नाम पर किए जाने के केंद्र सरकार के निर्णय को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा किए जा रहे प्रलाप को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और ओछेपन की पराकाष्ठा बताया है। श्रीवास्तव ने कहा कि इस निर्णय से कांग्रेस नेताओं के पेट में रह-रहकर उठ रहा मरोड़ इस बात की तस्दीक करने के लिए पर्याप्त है कि एक ख़ानदान की चापलूसी और भटैती के चलते समूची कांग्रेस का राजनीतिक अधोपतन हो चला है। मेज़र ध्यानचंद के नाम पर खेल रत्न अवार्ड की घोषणा में कांग्रेस नेताओं को भगवाकरण सूझ रहा है तो यक़ीनन कांग्रेस अब वैचारिक तौर पर अंतहीन दरिद्रता की शिकार हो गई है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीवास्तव ने तंज कसा कि मेज़र ध्यानचंद के नाम पर खेल रत्न अवार्ड की घोषणा पर प्रदेश के कांग्रेस नेताओं को चापलूसी की हदें पार करके रूदालियों की तरह पसरना शोभा नहीं देता। प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सत्तारूढ़ होने के बाद राज्य की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर शुरू की गईं योजनाओं के नाम थोक में एक साथ रातो-रात बदलकर एक ख़ानदान के नाम करने वालों को तब इस बात पर शर्म क्यों महसूस नहीं हुई, जब पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के दिन ही पं. उपाध्याय के नाम पर चल रही पाँच योजनाओं का नाम बदल दिया गया था!  श्रीवास्तव ने कहा कि तब केवल नाम नहीं बदला गया था, बल्कि कांग्रेस के लोगों ने पं. उपाध्याय के व्यक्तित्व-कृतित्व और वैचारिक अवदान तक पर सवाल उठाने की निर्लज्जता का प्रदर्शन किया था। तब कांग्रेस के लोगों की समझ को काठ क्यों मार गया था और क्यों नहीं उन्हें यह सूझा कि प्रदेश सरकार अपने ख़ानदान की चरण-वंदना करते हुए एक परिवार के नाम पर नई और योजनाएँ शुरू कर लें?  श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस के लोग गुजरात के सरदार पटेल स्टेडियम के नामकरण को लेकर झूठ फैलाने से बाज आएँ, क्योंकि स्टेडियम तो आज भी सरदार पटेल के ही नाम पर है, बस उसके एक नवनिर्मित हिस्से का नामकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर किया गया है।  श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेसनीत संप्रग शासनकाल में तमाम औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद भी ऐन समय पर मेज़र ध्यानचंद को भारत रत्न देने से मुकर जाने वालों को अब सरदार पटेल स्टेडियम का नाम ध्यानचंद के नाम करने की सलाह देते देखकर तरस ही आता है, जिन्हें नया रायपुर का नाम ‘अटल नगर’ बदलकर ‘नवा रायपुर’ करते भी झिझक नहीं हुई।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि एक ऐसे व्यक्तित्व, जिन्हें अपने उस खेल के लिए उस विधा का ज़ादूगर कहा जाता रहा और जिन्होंने सन 1928, 1932 और 1936 के ओलम्पिक खेलों में तीन-तीन स्वर्ण पदक अर्जित कर भारत का गौरव बढ़ाया, आज उनके नाम पर खेल रत्न अवार्ड की घोषणा होने पर देश के हज़ारों-लाखों उन खिलाड़ियों का मस्तक ऊँचा हो गया है, जो पूरा जीवन मेहनत करते हैं और पूरी ज़िंदग़ी मेहनत करने के बाद देश के लिए एक मेडल लेकर आते हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि सरकारी सुविधाओं, तरह-तरह के प्रशिक्षणों के अलावा एक महान खिलाड़ी के नाम पर खेल रत्न अवार्ड की घोषणा होने पर खिलाड़ियों का मनोबल आसमान की बुलंदी पर पहुँच जाएगा और आने वाले समय में इस बात से प्रोत्साहित होकर कि यह देश, उसकी सरकारें उनके साथ खड़ी हैं, ये खिलाड़ी देश के लिए और अच्छा कर पाएंगे, केंद्र सरकार के इस निर्णय के दृष्टिगत यह विश्वास दृढ़ हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *