रायपुर : छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने आज लंबे समय अंतराल बाद सिकल सेल विभाग की निरीक्षण करने पहुंचे हुए थे, जहां पर उन्होंने सिकल सेल के स्टाफ और डॉक्टरों और अधिकारियों की बैठक ली कि किस तरह से sickle cells बच्चों की ईलाज की व्यवस्था की जा रही है कि जानकारी ली।
(हम बता दें कि सिकल सेल से पीड़ित बच्चों को अपंगता के श्रेणी की दर्जा देने की बात भारत सरकार की नीति लागू करने की तैयारी चल रही थी)
स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा sickle cells के संदर्भ में उच्च कोटि के रिसर्च हो और हर जिले में इसके गतिविधि को एक साथ तेज किया जाए और सिकल सेल के लिए प्रचार और प्रसार के लिए आगे तेज लेकर जाना, लोगों को आईडेंटिफाई करना तथा कुछ जिलों में गतिविधि सक्रियता से चल रही है, उसे 28 जिलों में एक साथ तेज करना है।
मंत्री सिंहदेव ने कहा सिकल्स cells के स्वरूप है उसे जानते और समझते हुए हर जिले तक पहुंच के हर व्यक्ति ग्रसित हो सकते हैं उनको आईडेंटिफाई करना विशेषकर के बच्चों को। पाली स्कूलों में सीकर शहर से पीड़ित बच्चों की पहचान अभियान चलाई जा रही थी टेस्टिंग किए जा रहे थे लेकिन कोरोना संक्रमण का दौर आया जिस पर या अभियान स्कूल बंद होने के चलते स्थगित जैसा था लेकिन अभी भी गांव में बहुत से बच्चों की पहचान व टेस्ट बाकी है।
मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा जब तक स्कूल नहीं खुले हैं तो क्या मितानिनो के माध्यम से टेस्ट करा सकते हैं सिकल सेल टेस्ट जटिल नहीं है इसकी प्रक्रिया सरल बताई जाती है तो क्या मितानिनों के माध्यम से यह टेस्ट करा सकते हैं पर चर्चा हुई क्योंकि सिकल सेल से पीड़ित बच्चों को चिन्ह अंकित करना बहुत ही जरूरी है ताकि उनकी समुचित इलाज किया जा सके।
सवाल : – क्या सिकल सेल के मरीजों को आरक्षण दिया जा सकता है !
जवाब पर मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा आरक्षण के बारे में अभी कठिन लग रहा है लेकिन sickle cells पीड़ित बच्चों की ईलाज सुविधा निश्चित रूप से मिलेगी।