महिला बाल विकास अधिकारी बोदले को लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित करना असहिष्णु राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन

Chhattisgarh

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने महिला एवं बाल विकास विभाग में मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं रेडी टू ईट खाद्यान्न वितरण योजना में भ्रष्टाचार के संबंध में महामहिम राज्यपाल अनुसुइया उइके जी को ज्ञापन सौंप कर महिला एवं बाल विकास विभाग में चल रही अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच करवाने एवं दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही किये जाने की मांग की हैं।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत ने महासमुंद ज़िले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए उपहार सामग्री की ख़रीद में की गई 20 लाख रुपए और महासमुंद ज़िले में ही मई माह के लिए वितरित रेडी टू ईट सामग्री में 10 लाख रुपए की आर्थिक अनियमितता को लेकर कार्रवाई की मांग के साथ अपने घर में ही अनशन पर बैठे ज़िला महिला बाल विकास अधिकारी सुधाकर बोदले को पुलिस द्वारा ज़बरिया उठाकर ले जाने, चिकित्सकीय परीक्षण कराने और बाद में धारा 151 में निरुद्ध करने को प्रदेश सरकार की बौखलाहट करार दिया है। श्रीमती शालिनी राजपूत ने कहा कि प्रदेश सरकार अधिकारी बोदले की पूर्ण सुरक्षा की गारंटी प्रदेश को दे, क्योंकि प्रदेश सरकार के ख़िलाफ़ जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जान हर क़दम पर ख़तरे में होती है। हाल ही जांजगीर ज़िले के सक्ती थाने के एक आरक्षक पुष्पराज सिंह को सरकार और अपने महकमे की विसंगतियों को लेकर मुखर होने की क़ीमत अपनी जान गँवाकर चुकानी पड़ी है।

भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने कहा कि प्रदेश सरकार बजाय अनियमितताओं की जाँच और दोषियों पर कार्रवाई करने के अधिकारी बोदले को अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित करके अपने असहिष्णु राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन कर रही है। उन्हीने कहा कि इससे यह आईने की तरह साफ़ हो गया है कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ के नाम पर सिर्फ़ सियासी जुमलेबाजी ही कर रही है और भ्रष्टाचार को राजनीतिक व सत्तावादी संरक्षण दे रही है। उन्होंने आर्थिक अनियमितताओं की न्यायिक जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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